विदेश:::ब्रिटेन ने अविवाहित माताओं से बच्चों को अलग करने के मामले में माफी मांगी
ब्रिटिश प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने अविवाहित माताओं के बच्चों को गोद देने के ऐतिहासिक अन्याय के लिए माफी मांगी। यह प्रथा 1970 तक जारी रही और अनुमानित 1,85,000 बच्चों को प्रभावित किया। स्टार्मर ने संसद में कहा कि मातााओं को मजबूर, डराया और गुमराह किया गया। सरकार ने 2022 में माफी की सिफारिश की थी।

लंदन, एजेंसी। ब्रिटिश प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने गुरुवार को दशकों तक चली उस सरकारी व्यवस्था के लिए औपचारिक माफी मांगी, जिसके तहत हजारों अविवाहित माताओं को अपने बच्चों को गोद देने के लिए मजबूर किया गया था। यह प्रथा 1970 के दशक तक जारी रही थी। संसद में दिए गए अपने बयान में स्टार्मर ने कहा कि हम इस ऐतिहासिक अन्याय के लिए गहराई और पूरी ईमानदारी से माफी मांगते हैं। यह हमारे इतिहास पर लगा एक कलंक है। अनुमान के मुताबिक, वर्ष 1949 और 1976 के बीच इंग्लैंड और वेल्स में अविवाहित माताओं के लगभग 1,85,000 बच्चों को गोद लिया गया था।
वर्षों से अभियान चला रहे संगठनों का कहना है कि महिलाओं पर अपने बच्चों को छोड़ने के लिए दबाव डाला गया, उन्हें गुमराह किया गया और धमकाया गया। अपने कार्यकाल के अंतिम चरण में पहुंचे स्टार्मर ने कहा कि महिलाओं को मजबूर किया गया, डराया-धमकाया गया या इस तरह गुमराह किया गया कि उनके पास अपने बच्चों को खुद से दूर करने के अलावा कोई चारा नहीं था। प्रधानमंत्री ने कहा कि प्रभावित हर व्यक्ति से हम दिल से माफी मांगते हैं।वर्ष 2022 में ब्रिटिश संसद की संयुक्त मानवाधिकार समिति ने सिफारिश की थी कि सार्वजनिक संस्थानों और सरकारी कर्मचारियों द्वारा माताओं को उनकी इच्छा के विरुद्ध बच्चों को गोद देने के लिए मजबूर किए जाने से हुई पीड़ा के लिए सरकार को माफी मांगनी चाहिए। इसके बाद 2023 में स्कॉटलैंड और वेल्स की स्वायत्त सरकारों ने माफी मांगी थी, लेकिन तत्कालीन कंजर्वेटिव सरकार ने ऐसा नहीं किया। स्टार्मर की लेबर सरकार की माफी से दो सप्ताह पहले चर्च ऑफ इंग्लैंड ने भी जबरन गोद लेने की प्रक्रिया में अपनी भूमिका के लिए खेद व्यक्त किया था। बता दें कि उस दौर में अविवाहित माताओं को सामाजिक कलंक झेलना पड़ता था, गर्भावस्था के दौरान संस्थानों में रखा जाता था और उनके बच्चों को विवाहित दंपतियों को गोद दे दिया जाता था।


