दो लाख रुपये की मांग ने तोड़ा रिश्ता, न्याय के लिए भटक रही विवाहिता
बबिता दुबे ने आरोप लगाया है कि दहेज में दो लाख रुपये की मांग पूरी न होने पर उसके पति, ससुराल वालों ने उसे प्रताड़ित किया और घर से निकाल दिया। शादी के दस साल बाद भी उत्पीड़न जारी है। बबिता ने सरकारी अधिकारियों और मुख्यमंत्री को शिकायत कर न्याय की मांग की है।

दहेज में दो लाख रुपये की मांग पूरी न होने पर विवाहिता को मारपीट कर घर से निकालने का मामला सामने आया है। पीड़िता ने पति समेत सास, ससुर, ननद और देवर पर उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए अधिकारियों से कार्रवाई की गुहार लगाई है। पिपरी थाने के जवई गांव की बबिता दुबे पत्नी शिव दुबे का आरोप है कि शादी के करीब दस वर्ष बीत जाने के बाद भी ससुराल पक्ष की प्रताड़ना कम नहीं हुई। उसके दो बच्चे हिमांशु दुबे और मनीषा दुबे हैं। बबिता के मुताबिक उसका पति महाराष्ट्र में रहकर काम करता है और उसे अपने साथ रखने से इनकार कर देता है।
आरोप है कि पति अक्सर कहता है कि वह उसे वापस नहीं ले जाएगा। पीड़िता का कहना है कि ससुराल में उसके साथ आए दिन मारपीट और अभद्रता की जाती थी। सास, ससुर, ननद और देवर भी उसे प्रताड़ित करते थे तथा दहेज में दो लाख रुपये लाने का दबाव बनाते थे। प्रताड़ना से तंग आकर वह अपने दोनों बच्चों के साथ पेरवा गांव स्थित मायके में रहने को मजबूर है। बबिता का आरोप है कि उसने कई बार संबंधित अधिकारियों को प्रार्थना पत्र देकर न्याय की गुहार लगाई, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। पीड़िता ने मामले की शिकायत मुख्यमंत्री से करते हुए निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई कराने और उसे न्याय दिलाने की मांग की है।


