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28 फरवरी, 2020|11:44|IST

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ब्राजील और भारत में द्विपक्षीय व्यापार बढ़ाने की अपार संभावना: PM मोदी

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भारत के आर्थिक विकास में ब्राज़ील को एक मूल्यवान सहयोगी बताते हुए शनिवार (25 जनवरी) को कहा कि दोनों देश बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के एक दूसरे के पूरक हैं और दोनों मुल्कों में आपसी व्यापार बढ़ाने की बहुत अधिक संभावना है। ब्राजील के राष्ट्रपति जेयर मेसियस बोलसोनारो के साथ वार्ता के बाद प्रधानमंत्री ने संयुक्त मीडिया वक्तव्य में कहा, ''भारत और ब्राज़ील की सामरिक गठजोड़ हमारी समान विचारधारा और मूल्यों पर आधारित है। इसलिए, भौगोलिक दूरी के बावज़ूद हम विश्व के अनेक मंचों पर साथ हैं, और विकास में एक-दूसरे के महत्वपूर्ण सहयोगी भी हैं।"

उन्होंने कहा कि खाद्य एवं ऊर्जा के क्षेत्रों में हमारी आवश्यकताओं के लिए हम ब्राज़ील को एक विश्वसनीय स्रोत के रूप में देखते हैं। मोदी ने कहा, ''हमारा द्विपक्षीय व्यापार बढ़ रहा है हालांकि दोनों बड़ी अर्थव्यवस्था के एक दूसरे के पूरक होने को देखते हुए हम इसे बहुत अधिक बढ़ा सकते हैं।" प्रधानमंत्री ने कहा, ''दो बड़े लोकतांत्रिक और विकासशील देश होने के नाते महत्वपूर्ण वैश्विक और बहुस्तरीय मुद्दों पर भारत और ब्राज़ील के विचारों में गहरी समानता है, चाहे आतंकवाद की गंभीर समस्या हो या पर्यावरण का प्रश्न।" उन्होंने कहा कि विश्व के सामने मौजूदा कठिन चुनौतियों पर हमारा नजरिया बहुत मिलता-जुलता है और ब्राजील तथा भारत के हित समान हैं।

प्रधानमंत्री ने कहा कि विशेष रूप से ब्रिक्स और इब्सा में हमारा सहयोग, भारत की विदेश नीति का एक महत्वपूर्ण पहलू है। मोदी ने कहा, ''आज हमने तय किया है कि दोनों देश बहुस्तरीय मुद्दों पर अपने सहयोग को और सुदृढ़ बनायेंगे। हम सुरक्षा परिषद, संयुक्त राष्ट्र और अन्य अंतर्राष्ट्रीय संगठनों में आवश्यक सुधार के लिए मिलकर प्रयासरत रहेंगे।" उन्होंने कहा कि इसलिए आज ब्राजील के राष्ट्रपति बोलसोनारो और वह द्विपक्षीय सहयोग को सभी क्षेत्रों में और बढ़ाने पर सहमत हुए हैं।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि हमारी सामरिक साझेदारी को और मज़बूत करने के लिए एक वृहद कार्य योजना तैयार किया गया है। साल 2023 में दोनों देशों के बीच राजनयिक संबंधों का प्लैटिनम जुबली वर्ष होगा। उन्होंने कहा, ''मुझे पूरा विश्वास है कि तब तक यह कार्य योजना हमारे सामरहक गठजोड़, लोगों से लोगों के बीच सहयोग और कारोबारी सहयोग को और गहरा बनाएगा।"

मोदी ने कहा कि हमने आज कई महत्वपूर्ण समझौते भी किए हैं। निवेश हो या अपराधिक मामलों में कानूनी सहायता, ये समझौते हमारे सहयोग को नया आधार देंगे। उन्होंने कहा कि भारत और ब्राजील के बीच जैव ऊर्जा, पशुधन अनुवांशिकी, स्वास्थ्य, पारंपरिक औषधि, साइबर सुरक्षा, विज्ञान एवं प्रोद्योगिकी, तेल एवं गैस तथा संस्कृति जैसे विविध क्षेत्रों में हमारा सहयोग और तेज़ी से आगे बढ़ेगा।

ब्राजील के साथ पशुपालन एवं डेयरी क्षेत्र में सहयोग का जिक्र करते हुए मोदी ने कहा, ''गायों की स्वस्थ और उन्नत प्रजातियों पर सहयोग हमारे संबंधों का एक अनूठा और सुखद पहलू है। किसी समय, भारत से गीर और कंकरेजी गायें ब्राजील गयी थी।" उन्होंने कहा कि ब्राजील और भारत इस विशेष पशुधन को बढा़ने और उससे मानवता को लाभ पहुंचाने पर सहयोग कर रहे है। उन्होंने कहा कि इस सहयोग के आर्थिक, सामाजिक और सांस्कृतिक महत्व को किसी भी भारतीय के लिए शब्दों में बयान कर पाना मुश्किल है।

मोदी ने कहा, ''हम रक्षा औद्योगिक सहयोग को बढ़ाने के लिए नए तरीकों पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं और रक्षा सहयोग में हम व्यापक दृष्टिकोण आधारित सहयोग चाहते हैं।" प्रधानमंत्री ने कहा कि इन संभावनाओं को देखते हुए हमें खुशी है कि अगले महीने लखनऊ में डिफेंस एक्पो में ब्राजील का एक बड़ा शिष्टमंडल भाग लेगा। उन्होंने जैव ऊर्जा, आयुर्वेद और एडवांस कम्प्यूटिंग पर शोध में सहयोग बढ़ाने पर भारत और ब्राजील के बीच अकादमिक और शोध संस्थानों के बीच सहमति का भी जिक्र किया।

प्रधानमंत्री ने ब्राज़ील के राष्ट्रपति के साथ आए कारोबारी शिष्टमंडल स्वागत करते हुए विश्वास व्यक्त किया कि भारतीय उद्यमियों और व्यापारियों के साथ उनकी मुलाकातों के अच्छे परिणाम आएंगे। दोनों देशों की ओर से निवेश को सुगम बनाने के लिए आवश्यक कानूनी ढांचा तैयार किया गया है। आज के एक दूसरे से जुड़े विश्व में भारत और ब्राज़ील के बीच पेशेवरों के लिये सामाजिक सुरक्षा समझौता के आसान आवागमन के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति बोलसोनारो की यह यात्रा भारत-ब्राजील संबंधों में एक नए अध्याय की शुरुआत है।

(इनपुट एजेंसी से भी)

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  • Web Title:Brazil President Jair Messias Bolsonaro and PM Modi witness exchange of Memorandum of Understanding