कर्मियों का नाम मैच हुआ ना ही आधार नंबर
मुजफ्फरपुर में बीपीएससी अभियोजन अधिकारी परीक्षा के दौरान कर्मियों का नाम और आधार नंबर मिलान नहीं हुआ, जिसके कारण उन्हें प्रवेश नहीं मिला। नतीजतन, बायोमेट्रिक जांच बाधित रही। दूसरी पाली में देर से आने वालों को भी प्रवेश से वंचित होना पड़ा। अभ्यर्थियों ने परीक्षा के कठिनाई को लेकर भी शिकायत की।

मुजफ्फरपुर, प्रमुख संवाददाता। परीक्षा केंद्र पर पहुंचे कर्मियों का ना नाम मैच हुआ और ना ही आधार नंबर। ऐसे में इन कर्मियों को प्रवेश नहीं दिया गया। बुधवार को बीपीएससी अभियोजन अधिकारी की परीक्षा में विभिन्न केंद्रों पर इस वजह से बायोमेट्रिक जांच भी बाधित रही। इन केंद्रों पर परीक्षार्थियों की उपस्थिति ऑफलाइन बनी।
नए नियमों का कार्यान्वयन
परीक्षा में पहलीबार एक नई व्यवस्था की गई थी। प्रशासन की ओर से सभी केंद्रों को बायोमेट्रिक जांच के लिए कर्मियों की सूची उपलब्ध कराई गई थी। आयोग का सख्त निर्देश था कि सूची में जिसका नाम है, केवल उसी कर्मी को केंद्र पर आधार मिलान करने के बाद प्रवेश मिलेगा। इनका मोबाइल नंबर भी केंद्र पर जमा कराया जाएगा। जिला स्कूल, एलएस कॉलेज समेत आधा दर्जन केंद्रों पर चार से पांच कर्मियों का नाम प्रशासन की भेजी गई सूची से नहीं मिला। केन्द्राधीक्षकों ने कहा कि सूची से अलग व्यक्तियों को एजेंसी के द्वारा भेजा गया था। ऐसे में इन कर्मियों को प्रवेश नहीं दिया गया। केन्द्राधीक्षकों ने कहा कि जितने कर्मी थे, इनसे जितनी संख्या में परीक्षार्थियों की बायोमेट्रिक कराई जा सकी, उतने का ही हो पाया। ऐसे में कई केंद्रों पर सभी परीक्षार्थियों की बायोमेट्रिक जांच नहीं हो पाई। आयोग के निर्देशानुसार उपस्थिति पत्रक पर इनकी उपस्थिति बनाई गई। कुछ केंद्रों पर पांच कर्मियों में एक का भी नाम मैच नहीं हुआ।
दूसरी पाली में देर से प्रवेश
पहली पाली में समय पर पहुंचे, दूसरी में हो गए लेट। पहली पाली में परीक्षा दी, लेकिन दूसरी पाली में देर से आने के कारण दर्जनों अभ्यर्थियों को केंद्र में प्रवेश नहीं दिया गया। एलएस कॉलेज समेत कई केंद्रों के बाहर ऐसे परीक्षार्थी गुहार लगाते रहे। अभ्यर्थियों ने कहा कि पहली पाली की परीक्षा के बाद बाहर निकल गए थे। आधे घंटे पहले पहुंचे तो प्रवेश नहीं दिया गया। केन्द्राधीक्षकों ने कहा कि दोनों पालियों में जांच करनी थी। दोनों ही पालियों में एक-एक घंटे पहले पहुंचना था। नालंदा, जमुई, वैशाली समेत कई जगहों से आए इन परीक्षार्थियों ने आक्रोशित होकर हल्ला भी किया मगर पुलिसकर्मियों के हड़काने पर शांत हो गए।
परीक्षा की कठिनाई
जीएस के सवाल ने अभ्यर्थियों के छुड़ाये पसीने। जिले में 13 केंद्रों पर परीक्षा हुई। पहली पाली में लॉ और दूसरी पाली में जीएस का पेपर था। रामेश्वर सिंह कॉलेज से परीक्षा देकर निकल रहे अभ्यर्थियों ने कहा कि पहला पेपर सही था, दूसरा कठिन था। जीएस में इतिहास से अधिक बायो और भूगोल से सवाल पूछे गये थे। लॉ के पेपर में भी कई धारा, कानून से जुड़े सवाल घूमा फिरा कर पूछे गये थे।
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