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एनपीए पर रघुराम राजन के बयान को लेकर बीजेपी, कांग्रेस दोनों ने किया अपनी जीत का दावा

Raghu Ram Rajan

भारतीय रिजर्व बैंक के पूर्व गवर्नर रघुराम राजन के बैंकों के डूबे कर्ज पर बयान के बाद कांग्रेस और भाजपा के बीच सियासी घमासान शुरू हो गया है। बैंकों के डूबे कर्ज यानी एनपीए को लेकर राजन ने यूपीए सरकार को जिम्मेदार ठहराया, जिसके बाद कांग्रेस ने सफाई देते हुए कहा कि एनपीए के लिए भाजपा सरकार भी जिम्मेदार है। वहीं भाजपा ने कहा कि यूपीए सरकार के समय माफिया राज था। कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि 2014 में जब यूपीए सत्ता से बाहर हुई, तब कुल एनपीए 2.83 लाख करोड़ था। एनडीए सरकार में इसमें 12 लाख करोड़ की बढ़ोतरी हो गई। 

वहीं इस मुद्दे भाजपा की केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने कहा, राजन ने जो कहा है, वह तथ्य सिर्फ कांग्रेस सरकार द्वारा राजनीति में माफिया राज को ही नहीं बताता है, बल्कि बताता है कि यूपीए सरकार ने देश को उन चुनौतियों से लड़ने के लिए भी छोड़ दिया।

निर्णय लेने में देरी से बैंकों को नुकसान पहुंचा  

पूर्व गवर्नर रघुराम राजन ने संसदीय समिति को दिए नोट में कहा है कि बड़ी संख्या में बैंकों का डूबा कर्ज या एनपीए 2006 से 2008 के दौरान बढ़ा जबकि आर्थिक वृद्धि दर काफी तेज थी। पर इस समय बैंकों ने गलतियां कीं। उन्होंने पीछे की वृद्धि और प्रदर्शन के आधार पर भविष्य का अनुमान लगाया। उन्होंने परियोजनाओं के लिए बड़ा कर्ज दिया, जबकि उनमें प्रवर्तकों की इक्विटी कम थी। संसद की आकलन पर समिति ने राजन को इस मामले पर जानकारी देने के लिए आमंत्रित किया था। राजन सितंबर, 2016 तक रिजर्व बैंक के गवर्नर थे। 

बहुचर्चित मामलों की सूची सौंपी थी

राजन ने कहा है कि बैंकिंग धोखाधड़ी से जुड़े बहुचर्चित मामलों की सूची प्रधानमंत्री कार्यालय को समन्वित कार्रवाई के लिए सौंपी गई थी। साथ ही मोदी सरकार के सत्ता में आने के बाद रिजर्व बैंक ने धोखाधड़ी वाले मामलों के लिए ‘धोखाधड़ी निगरानी प्रकोष्ठ’ बनाया था। राजन ने कहा है कि रिजर्व बैंक एक नियामक के तौर पर सिर्फ ‘रेफरी’ है। उसे बैंकों के व्यावसायिक निर्णयों या माइक्रो प्रबंधन करने वाले के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। 

कर्ज देने से पहले बैंकों ने कम जांच की

राजन ने कहा कि कई बार बैंकों ने कर्ज देने के लिए प्रवर्तक के निवेशक बैंक की रिपोर्ट के आधार पर करार किया और अपनी ओर से पूरी जांच पड़ताल नहीं की। एक उदाहरण देते हुए राजन ने कहा कि एक प्रवर्तक ने उन्हें बताया कि कैसे बैंक ने उनके सामने चेकबुक लहराते हुए कहा कि वह यह बताएं उन्हें कितना कर्ज चाहिए। 

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  • Web Title:Both BJP Congress claim victory over former RBI governor Raghuram Rajan note