एसएसबी ने ग्रामीणों संग की बैठक,अधिकृत मार्गों से आवागमन की अपील
भारत-नेपाल सीमा पर सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए एसएसबी की 48वीं बटालियन ने ग्रामीणों के साथ बैठक की। डिप्टी कमांडेंट हरि नारायण जाट ने बैठक की अध्यक्षता की, जिसमें सुरक्षा, जागरूकता और सामाजिक समन्वय पर चर्चा हुई। उन्होंने ग्रामीणों से संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी देने की अपील की।

बासोपट्टी,एक संवाददाता। भारत-नेपाल सीमा पर सुरक्षा व्यवस्था को और प्रभावी बनाने को लेकर एसएसबी की 48वीं बटालियन,जयनगर के जानकीनगर कंपनी मुख्यालय में शनिवार को सीमावर्ती गांवों के ग्रामीणों के साथ समन्वय बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता डिप्टी कमांडेंट हरि नारायण जाट ने की।
बैठक का उद्देश्य
बैठक का उद्देश्य सीमा क्षेत्र के लोगों से सीधा संवाद स्थापित कर उनकी समस्याओं को जानना, सीमा सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा कानून-व्यवस्था और सामाजिक समन्वय को मजबूत करना था। डिप्टी कमांडेंट हरि नारायण जाट ने कहा कि भारत-नेपाल सीमा पर शांति, सुरक्षा और सामाजिक सौहार्द बनाए रखना सुरक्षा बलों के साथ-साथ स्थानीय लोगों की भी साझा जिम्मेदारी है।
ग्रामीणों से अपील
उन्होंने ग्रामीणों से सीमा पर होने वाली किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तत्काल सूचना एसएसबी को देने की अपील की। बैठक में नेपाल द्वारा लागू नए नियमों, भारत-नेपाल के मैत्रीपूर्ण संबंधों, खुली सीमा से उत्पन्न चुनौतियों, केवल अधिकृत मार्गों से आवागमन सुनिश्चित करने, मादक पदार्थों एवं शराब की तस्करी पर रोक तथा सीमा पार सामान के वैध आवागमन जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई।
समस्याओं पर चर्चा
ग्रामीणों ने भी सीमा क्षेत्र से जुड़ी अपनी समस्याओं और सुझावों को अधिकारियों के समक्ष रखा। एसएसबी अधिकारियों ने सभी समस्याओं के समाधान के लिए सकारात्मक पहल का भरोसा दिलाया और कहा कि सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने में स्थानीय लोगों का सहयोग सबसे महत्वपूर्ण है।


