पालघर अस्पताल हमला मामले में पुलिस को फटकार
बॉम्बे हाईकोर्ट ने पालघर पुलिस को शिवसेना कार्यकर्ताओं के खिलाफ जांच में लापरवाही के लिए फटकार लगाई। यह कार्यकर्ता मेडिकल स्टाफ के साथ मारपीट कर रहे थे। कोर्ट ने पुलिस की कार्रवाई को सतही और आरोपियों के पक्ष में बताया। जांच की समीक्षा करने के लिए अतिरिक्त आईजी को निर्देश दिया गया है।

बॉम्बे हाईकोर्ट ने शुक्रवार को एक बार फिर पालघर पुलिस को फटकार लगाई। यह फटकार शिवसेना कार्यकर्ताओं के खिलाफ मामले की जांच में पुलिस के ‘लापरवाह’ रवैये को लेकर थी। इन कार्यकर्ताओं ने जिले के एक प्राइवेट अस्पताल में मेडिकल स्टाफ के साथ मारपीट की थी और तोड़-फोड़ की थी। कोर्ट ने इस रवैये को ‘हास्यास्पद और गंभीर रूप से दोषपूर्ण’ बताया। न्यायमूर्ति ए. एस. गडकरी और न्यायमूर्ति कमल खाता की पीठ ने कोंकण डिवीजन के अतिरिक्त इंस्पेक्टर जनरल ऑफ पुलिस (अतिरक्त आईजी) को जांच की समीक्षा करने और 17 सितंबर को कोर्ट में रिपोर्ट जमा करने का निर्देश दिया। रिपोर्ट में यह बताना होगा कि क्या पालघर पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई कानूनी रूप से सही थी।
हाईकोर्ट ने कहा कि पालघर पुलिस की कार्रवाई ‘केवल सतही’ लग रही थी और ऐसा लगता था कि इसे इस तरह से किया गया जिससे अंततः आरोपियों को ही फायदा हो। पीठ ने अब तक की गई जांच के तरीके पर सवाल उठाए।


