संजू ने ने दिया मौका और बॉलीवुड में छा गए प्रयागराज के विक्रम
प्रयागराज के मशहूर संगीत निर्देशक विक्रम मोंट्रोज अपने नए गीतों के साथ दर्शकों के सामने आने जा रहे हैं। फिल्म ‘वेलकम टू द जंगल’ 26 जून को रिलीज होने वाली है, जिसमें अक्षय कुमार और अनेक प्रमुख कलाकार शामिल हैं। विक्रम ने अपने करियर में कई सफल गीतों का निर्देशन किया है।
प्रयागराज। प्रयागराज के रहने वाले बॉलीवुड के मशहूर संगीत निर्देशक विक्रम मोंट्रोज एक बार फिर अपने सुपरहिट गीतों के साथ सिनेप्रेमियों के बीच आ रहे हैं। संगीत निर्देशक के चार गीतों से सजी फिल्म ‘वेलकम टू द जंगल’ 26 जून को देशभर के सिनेमाघरों में रिलीज होने जा रही है। सभी गीत रिलीज होने के पहले खूब पसंद किया जाने लगा है। जिसमें टाइटल सांग ‘वेलकम टू द जंगल’, ‘ऊंचा लंबा कद’, ‘घिस-घिस’ व ‘तेरा पैसा मेरा पैसा’ जैसे गीत शामिल हैं। खास बात है कि ‘घिस-घिस’ भोजपुरी गीत है, जिसमें अभिनेता अक्षय कुमार भोजपुरी फिल्मों की अभिनेत्री अक्षरा सिंह के साथ गीत को गाते हुए नजर आएंगे। इस फिल्म में अक्षय कुमार के अलावा सुनील शेट्टी, परेश रावल, रवीना टंडन व दिशा पाटनी जैसी अभिनेत्री हैं। आपके अपने अखबार ‘हिन्दुस्तान’ से खास बातचीत में संगीत निदेशक विक्रम ने बताया कि संगीत की दुनिया में मुझे पहला मौका संजय दत्त ने दिया था। जिनके जीवन पर आधारित फिल्म ‘संजू’ में मैंने ‘कर हर मैदान फतेह’ का निर्देशन व गायन किया था।
संगीत की यात्रा
इसके बाद वर्ष 2019 में रिलीज हुई फिल्म कमांडो पार्ट तीन में ‘तेरा बाप आया’ गीत का निर्देशन दिया था। फिल्म ‘ओह मॉय गॉड पार्ट दो’ का चर्चित गीत हर-हर महादेव का निर्देशन व गायन किया। निर्देशक को संगीत की दुनिया में सबसे बड़ी उपलब्धि वर्ष 2022 में हासिल हुई। जब कैप्टन विक्रम बत्रा के जीवन पर आधारित फिल्म ‘शेरशाह’ के लिए बेस्ट म्यूजिक डायरेक्शन का अवार्ड विक्रम मोंट्रोस को हासिल हुआ था। फिल्म के गीत ‘जय हिंद की सेना’ पर इन्हें फिल्मफेयर और अंतरराष्ट्रीय भारतीय फिल्म अकादमी यानि आईफा अवार्ड मिला था।
विशिष्ट गीत और उपलब्धियां
इन्होंने फिल्म ‘रामसेतु’ के गीत ‘जय श्रीराम’, अक्षय कुमार के साथ वर्ष 2025 में भक्ति गीत ‘महाकाल चलो’ व शंभू सहित दर्जन भर से अधिक गीतों का ना केवल निर्देशन किया बल्कि उसका संगीत कंपोज कर गीत भी गाया भी था। विक्रम मोंट्रोस बताते हैं कि मुझे यहां तक पहुंचाने में मां रमा मोंट्रोज व पिता एनबी मोंट्रोज का सबसे ज्यादा साथ और आशीर्वाद मिला है। माता-पिता के बिना बॉलीवुड में मुकाम हासिल करना संभव नहीं था। अपना शहर कभी नहीं भूल सकता हूं। साल में एक-दो बार यहां आकर परिजनों और शुभचिंतकों के साथ रहता हूं और पुरानी यादों को ताजा करता हूं।
मायानगरी में सफर
21 बरस पहले गए थे मायानगरी
विक्रम ने सेंट जोसेफ से वर्ष 2005 में 12वीं करने के बाद मुंबई गए थे। जहां छह वर्षों तक अलग-अलग कंपनियों के कॉल सेंटर में नौकरी की। उस दौरान संगीत भी सीख रहे थे। वर्ष 2012 से दूसरों को गीत लिखकर देते थे। उसी दौरान अभिनेता संजय दत्त से एक मुलाकात हुई और वही से इनकी दुनिया बदल गई। फिर फिल्म संजू के गीत कर हर मैदान फतेह का संगीत तैयार कर बॉलीवुड में अपना हुनर दिखाया।


