पढ़ाई और शोध के निमित्त हुआ डॉ. उदय प्रताप सिंह का शरीर
प्रयागराज में मोतीलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज को डॉ. उदय प्रताप सिंह का देहदान मिला। यह छात्राओं के लिए पहला मौका है कि एक पूर्व छात्र का शरीर उनके अध्ययन में काम आएगा। डॉ. सिंह ने चिकित्सा सेवा में कई वर्षों तक कार्य किया और अपने देहदान से दूसरों को प्रेरित किया।

प्रयागराज, संवाददाता। मोतीलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज को शनिवार को पुरा छात्र डॉ. उदय प्रताप सिंह का देहदान प्राप्त हुआ। कॉलेज के छात्रों के लिए पहला अवसर होगा जब एक डॉक्टर का शरीर उनके अध्ययन और शोध के काम आएगा, जिन्होंने उनके कॉलेज में ही मेडिकल का पढ़ाई की थी। मेडिकल कॉलेज के एनोटॉमी विभाग को प्राप्त यह 112वां देहदान है।बेली रोड के रहने वाले डॉ. उदय प्रताप सिंह (79) का शुक्रवार को निधन हो गया था। उन्होंने 1968 में एमएलएन मेडिकल कॉलेज से एमबीबीएस और एसएन चिल्ड्रेन अस्पताल से डीसीएच किया था। वे संयुक्त निदेशक चिकित्सा के पद से सेवानविृत्त हुए थे।
डॉ. सिंह के पार्थिव शरीर को परिजन स्वत: मेडिकल कॉलेज लेकर आए। इस अवसर पर प्राचार्य डॉ. एके वर्मा, एनाटॉमी विभाग की अध्यक्ष डॉ. कृष्णा पांडेय, डॉ. बादल सिंह और जूनियर डॉक्टरों ने विधिविधान से पार्थिव शरीर को प्राप्त किया। डॉ. उदय प्रताप सिंह के बेटे डॉ. संजय सिंह एसआरएन अस्पताल के सर्जरी विभाग में प्रोफेसर और डॉ. सौरभ सिंह प्रांतीय चिकित्सा सेवा में कार्यरत हैं। देहदान अभियान के प्रभारी डॉ. बादल सिंह ने बताया कि डॉ. उदय प्रताप ने खुद आवेदन भरकर देहदान अभियान से जुड़ने के लिए लोगों को प्रेरित किया था। उनके इस पुण्यकार्य से अन्य लोग भी प्रेरित होंगे।


