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हिंदी न्यूज़ देशबेंगलुरु: कोरोना से मौत के 15 महीने बाद मोर्चरी में मिले दो सड़े-गले शव, रिश्तेदारों ने कर था अंतिम संस्कार

बेंगलुरु: कोरोना से मौत के 15 महीने बाद मोर्चरी में मिले दो सड़े-गले शव, रिश्तेदारों ने कर था अंतिम संस्कार

हिन्दुस्तान टाइम्स संवाददाता,बेंगलुरुAshutosh Ray
Mon, 29 Nov 2021 07:51 PM
बेंगलुरु: कोरोना से मौत के 15 महीने बाद मोर्चरी में मिले दो सड़े-गले शव, रिश्तेदारों ने कर था अंतिम संस्कार

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कोरोना वायरस की वजह से जान गंवाने वाले दो लोगों के शव करीब 15 महीने बाद मोर्चरी से बरामद किए गए हैं। दोनों शव को बेंगलुरु के राजाजीनगर शहर के एक ईएसआई अस्पताल के मोर्चरी से बरामद किया गया है। मृतकों में से एक की पहचान दुर्गा सुमित्रा के रूप में हुई है। मोर्चरी में रखे शवों पर लगे टैग की मदद से उनकी पहचान की गई। जिसमें एक शव 40 साल की दुर्गा और दूसरा 50 साल के मुनिराजू का था। दुर्गा चामराजपेट की रहने वालीं थी जबकि, मुनिराजू केपी अग्रहारा की रहने वाली हैं। अस्पताल के रिकॉर्ड के मुताबिक, दोनों को जुलाई 2020 में अस्पताल में भर्ती कराया गया था और उसी महीने उनकी मौत भी हो गई थी।

स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने कहा कि मामले जांच के आदेश दे दिए गए हैं। इसमें शामिल सभी लोगों की स्पष्ट लापरवाही दिख रही है। खासकर वो लोग जिन लोगों ने मोर्चरी को बंद करने से पहले उसकी पूरी तरह से जांच नहीं की, वो इस घटना के लिए जिम्मेदार हैं। घटना की जांच की जाएगी। दुर्गा की बड़ी बहन सुजाता ने मीडिया को बताया कि अस्पताल में भर्ती होने के चार दिन बाद दुर्गा की मौत हो गई। परिवार वालों को अस्पताल में बेड पाने के लिए काफी संघर्ष करना पड़ा था। सुजाता ने कहा कि उनके बहन की मौत के बाद अस्पताल के अधिकारियों ने कहा कि कोविड दिशानिर्देशों की वजह से वो शव परिवार को नहीं सौंपेंगे। दो दिन बाद फोन आया कि उन्होंने शव का अंतिम संस्कार कर दिया है।

वहीं, मुनीराजू के बेटे सतीश ने बताया कि जब परिवार (जुलाई 2020 में) मृत्यु प्रमाण पत्र लेने गया तो बीबीएमपी के अधिकारियों ने कुछ दस्तावेजों पर परिवार के हस्ताक्षर करवाए। जब हमने शव मांगा तो उन्होंने कहा कि वे अंतिम संस्कार करेंगे। सतीश ने आगे कहा कि मृत्यू प्रमाण पत्र देने के दौरान अस्पताल की ओर से जिस दस्तावेज पर हस्ताक्षर करने के लिए कहा गया था उसमें लिखा गया था कि सरकार की ओर से अंतिम संस्कार किया गया।

जैसे ही मामला सामने आया राजाजीनगर पुलिस ने मामला दर्ज कर केस की जांच शुरू कर रही है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि दोनों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और बाद में इसे परिजनों को सौंप दिया जाएगा। वहीं, राजाजीनगर के बीजेपी विधायक और पूर्व मंत्री एस सुरेस कुमार ने कर्नाटक के श्रम मंत्री ए शिवराम हेब्बार को पत्र लिखकर मामले की जांच करने और इस अमानवीय घटना के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने का अनुरोध किया है।

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