ट्रेंडिंग न्यूज़

Hindi News देशअपना घर रोशन कर और नीतीश का घर जलाकर 'चिराग को बुझाना चाहती है भाजपा: गोहिल

अपना घर रोशन कर और नीतीश का घर जलाकर 'चिराग को बुझाना चाहती है भाजपा: गोहिल

कांग्रेस के बिहार प्रभारी शक्ति सिंह गोहिल ने विधानसभा चुनाव में लोजपा प्रमुख चिराग पासवान के पीछे भाजपा का हाथ होने का दावा करते हुए रविवार को कहा कि भाजपा इस 'चिराग के जरिए अपना घर रोशन करना...

अपना घर रोशन कर और नीतीश का घर जलाकर 'चिराग को बुझाना चाहती है भाजपा: गोहिल
Mrinal Sinhaएजेंसी,नई दिल्लीSun, 01 Nov 2020 01:29 PM
ऐप पर पढ़ें

कांग्रेस के बिहार प्रभारी शक्ति सिंह गोहिल ने विधानसभा चुनाव में लोजपा प्रमुख चिराग पासवान के पीछे भाजपा का हाथ होने का दावा करते हुए रविवार को कहा कि भाजपा इस 'चिराग के जरिए अपना घर रोशन करना चाहती है और नीतीश कुमार का घर जलाना चाहती है तथा फिर 'चिराग को बुझाना चाहती है।

उन्होंने यह सवाल भी किया कि अगर चिराग पासवान को भाजपा और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का समर्थन नहीं है तो फिर उन्हें राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) से बाहर क्यों नहीं किया गया? गोहिल ने 'पीटीआई-भाषा के साथ बातचीत में यह दावा भी किया कि इस बार बिहार विधानसभा चुनाव में पाकिस्तान और पुलवामा का मुद्दा नहीं चलेगा क्योंकि जनता तेजस्वी यादव के राजनीतिक बोझ (बैगेज) रहित चेहरे और कांग्रेस के शासन के अनुभव को समर्थन देना तय कर चुकी है।  राज्यसभा सदस्य ने कहा, ''बिहार में भाजपा-जदयू गठबंधन सरकार से लोग बहुत परेशान हैं और परिवर्तन चहते हैं। दूसरी तरफ, एक सकारात्मक एजेंडे के साथ महागठबंधन जनता के बीच है और लोग इससे खुश हैं। पूरी उम्मीद है कि महागठबंधन की सरकार बनेगी। महागठबंधन में कांग्रेस के कमजोर कड़ी होने की धारणा को खारिज करते हुए उन्होंने कहा कि कुछ मुश्किल सीटें मिलने के बावजूद पार्टी अच्छा प्रदर्शन करेगी।

उन्होंने कहा, '' हमने 95 सीट चिह्नित की थीं और कहा था कि इन्हीं में से हमें सीट चाहिए। लेकिन महागठबंधन को साथ रखना था और राजद की भी मजबूरी रही होगी। कुछ ऐसी सीटें हमारे खाते में आई हैं जिन्हें हमने 30 साल से नहीं जीता। यह सब होते हुए भी हमने पूरी ताकत लगाई है और हमारा प्रदर्शन अच्छा रहेगा। यह पूछे जाने पर कि महागठबंधन के कितनी सीट जीतने की उम्मीद है तो गोहिल ने कहा, ''मैं हवाबाजी नहीं करता और ज्योतिषी भी नहीं हूं। बिहार की जनता ने ठान लिया है तो बदलाव होकर रहेगा। पाकिस्तान के कुछ नेताओं के पुलवामा हमले से जुड़े हालिया बयानों और इसपर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से विपक्षी दलों को घेरने को लेकर कांग्रेस नेता ने दावा किया कि इस तरह के मुद्दों का बिहार चुनाव में कोई असर नहीं होगा।

उन्होंने कहा, ''पिछले चुनाव में कहा गया था कि महागठबंधन जीतेगा तो पाकिस्तान में पटाखे जलेंगे, लेकिन क्या हुआ। इस बार भी इन मुद्दों का असर जीरो होगा। यह चाणक्य की भूमि की जनता है। वो समझ रही है कि ये लोग असल मुद्दों की बात नहीं कर रहे हैं। अगर केंद्र और नीतीश सरकार ने अच्छा काम किया होता होता वे अपने काम पर वोट मांगते। इस सवाल पर कि क्या 10 लाख सरकारी नौकरियां देना व्यावहारिक वादा है, गोहिल ने कहा, ''इसको लेकर हमने पूरा होमवर्क किया है। 4.5 लाख पद रिक्त हैं। इसे तो भरना है। जनसंख्या के अनुपात में पुलिसकर्मियों, चिकित्साकर्मियों, शिक्षकों और अन्य सरकारी कर्मचारियों की बहुत कमी है। इन सबमें बहुत कुछ करने की जरूरत है। उन्होंने यह भी कहा, ''बजट को ध्यान में रखकर और जानकारों से राय लेकर यह वादा किया गया है। यह वादा पूरा करना इस बजट दायरे में रहकर संभव है। बजट में जो लीकेज हैं, उसे खत्म कर देंगे और भ्रष्टाचार रोक देंगे तो ये नौकरियां लोगों को मिल जाएंगी।

इस चुनाव में राजनीतिक समीक्षकों द्वारा तेजस्वी यादव और महागठबंधन को गंभीरता से लेने के कारणों पर कांग्रेस नेता ने कहा, '' तेजस्वी के ऊपर कोई 'बैगेज नहीं है। वह युवा चेहरा हैं। उन्होंने सबको साथ लेकर चलने की बात की है। साथ ही कांग्रेस का सुशासन का रिकॉर्ड और अनुभव है। इसे बिहार की जनता ने स्वीकार किया है। यह पूछे जाने पर कि क्या अगड़ी जातियों के मतदाता राजद के नेतृत्व वाले महागठबंधन पर भरोसा करेंगे, उन्होंने कहा, ''तेजस्वी ने बार-बार कहा है कि वह सभी जाति और धर्म के लोगों को साथ लेकर चलेंगे। जब कांग्रेस साथ है तो अगड़ी जाति या किसी भी जाति को यह चिंता नहीं है कि उसके साथ कोई अन्याय होगा। सरकार बनने पर सत्ता में कांग्रेस की हिस्सेदारी और उपमुख्यमंत्री के पद की मांग संबंधी सवाल पर पार्टी प्रभारी ने सिर्फ इतना कहा कि फिलहाल चुनाव जीतना प्राथमिकता है और बाकी चीजें बाद में बैठकर तय होंगी।

चिराग पासवान के नीतीश कुमार पर हमलों को लेकर कटाक्ष करते हुए गोहिल ने कहा, ''भाजपा के एक हाथ में ऐसा चिराग है जिससे वो अपना घर रोशन करना चाहती है, जदयू का घर जलाना चाहती है और फिर उसी चिराग को बुझाना चाहती है। उन्होंने दावा किया, ''भाजपा के दूसरे हाथ ओवैसी हैं जिनका वह धर्मनिरपेक्ष नेताओं के खिलाफ इस्तेमाल करना चाहती है। लेकिन भाजपा के ये 'ठगबंधन बेनकाब हो चुके हैं। गोहिल ने सवाल किया, ''अगर भाजपा चिराग को नीतीश कुमार के खिलाफ इस्तेमाल नहीं कर रही है तो फिर उन्हें राजग से बाहर क्यों नहीं करती है?

गौरतलब है कि बिहार विधानसभा चुनाव में राजद और वाम दलों के साथ तालमेल कर मैदान में उतरी कांग्रेस 70 सीटों पर चुनाव लड़ रही है। राजद 144 और वाम दल 29 सीटों पर चुनाव लड़ रहे हैं। बिहार विधानसभा चुनाव के तहत 28 अक्टूबर को पहले चरण का मतदान संपन्न हुआ। तीन नवंबर को दूसरे और सात नवंबर को तीसरे चरण का मतदान होगा। मतगणना 10 नवंबर को होगी।
 

हिन्दुस्तान का वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें