आगामी चुनावों में युवा उम्मीदवारों पर भाजपा का रहेगा जोर
भाजपा नेतृत्व युवा पीढ़ी को चुनावी राजनीति में बढ़ावा देने के लिए तैयार है। विधानसभा चुनावों में पार्टी लगभग 20 प्रतिशत टिकट 45 वर्ष से कम आयु के नेताओं को देने का प्रस्ताव रखती है। जेन-जी की आकांक्षाओं को देखते हुए, भाजपा नए युवाओं को तैयार कर रही है और महिला उम्मीदवारों की संख्या भी बढ़ाने की योजना कर रही है।

नई दिल्ली, विशेष संवाददाता। भाजपा नेतृत्व संगठन के साथ-साथ चुनावी राजनीति में भी युवाओं को अधिक मौका देने की तैयारी में है। आने वाले विधानसभा चुनावों में पार्टी करीब 20 फीसदी टिकट 45 साल तक के आयु वर्ग को दे सकती है। इसके जरिए पार्टी जेन-जी को भी संदेश देगी और पार्टी में नई पीढ़ी को तैयार करेगी। इसके लिए राज्यों के संगठन मंत्री अभी से हर क्षेत्र में इस आयु वर्ग के संभावित चेहरों को तलाशने का काम करेंगे। देश में तेजी से बढ़ती जेन-जी की आकांक्षाओं को देखते हुए भाजपा युवाओं पर खास जोर दे रही है। संगठन में बड़ी संख्या में युवाओं को मौका देने के बाद पार्टी अब चुनावी राजनीति में भी इस वर्ग को आगे लाने की तैयारी में है।
सूत्रों के अनुसार, भाजपा नेतृत्व अगले साल होने वाले पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव में पिछली बार चुनाव लड़े उम्मीदवारों में कम से कम 25 फीसद नए चेहरों को उतारेगी। इनमें से ज्यादातर टिकट युवाओं को दिए जाने की संभावना है। पार्टी के एक प्रमुख नेता ने कहा कि भाजपा ने अगली पीढ़ी को तैयार करना शुरू कर दिया है, जो संगठन और सरकार दोनों स्तरों पर आगे आएगी। इसका उद्देश्य 2047 तक के बड़े लक्ष्यों को हासिल करने के लिए संगठन और सरकार, दोनों स्तरों पर सफलता को बरकरार रखते हुए आगे बढ़ना है। दरअसल, हाल के छात्र आंदोलनों के बाद जेन-जी की आकांक्षाएं बढ़ी हैं और वह आने वाले चुनाव में काफी अहम हो सकती है। ऐसे में भाजपा इस वर्ग को साधने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ना चाहती है।सूत्रों के अनुसार, पार्टी ने राज्यों के संगठन मंत्रियों को कहा है कि वह इस आयु वर्ग के पार्टी के कार्यकर्ताओं पर नजर रखें और उनमें बेहतर संभावित उम्मीदवारों की तलाश करें। इनमें महिला उम्मीदवार भी काफी होंगी। बिहार में मैथिली ठाकुर को उतारने से भाजपा में कई महिला कार्यकर्ताओं में भी उत्साह है और वह भी तेजी से चुनावी राजनीति में बढ़ रही हैं। देर सबेर महिला आरक्षण लागू होने के बाद भाजपा को मजबूत महिला टीम की भी जरूरत होगी। हालांकि, अभी 33 फीसद महिलाओं को तो टिकट नहीं दिए जा सकते हैं, लेकिन उनकी संख्या पिछली बार से ज्यादा होने की पूरी संभावना है।


