चुनाव वाले राज्यों में जल्दी नियुक्त किए जाएंगे भाजपा के संगठन और चुनाव प्रभारी
चुनाव वाले राज्यों में जल्दी नियुक्त किए जाएंगे भाजपा के संगठन और चुनाव प्रभारी----------------------------------------सामाजिक समीकरणों के हिसाब से क्षेत्र वार रणनीति होगी तैयार-किसी भी राज्य में नहीं...

चुनाव वाले राज्यों में जल्दी नियुक्त किए जाएंगे भाजपा के संगठन और चुनाव प्रभारी--------------------------------------- -सामाजिक समीकरणों के हिसाब से क्षेत्र वार रणनीति होगी तैयार
चुनाव प्रभारियों की नियुक्ति
-किसी भी राज्य में नहीं होने दी जाएगी खेमेबाजी, केंद्र की रहेगी नजर
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नईदिल्ली। विशेष संवाददाता
अगले साल की शुरुआत में चुनाव में जाने वाले पांच राज्यों को लिए भाजपा नेतृत्व अगले माह चुनाव प्रभारियों की नियुक्ति करेगा। इनमें कुछ राज्यों के लिए संगठन प्रभारियों की भी जल्द नियुक्त कर दी जाएगी, ताकि चुनावी तैयारियों को तेज किया जा सके। पार्टी नेतृत्व ने चुनावी राज्यों की समीक्षा में मौजूदा स्थितियों को लेकर संतोष जताया है, लेकिन चुनावी तैयारियों की धीमी गति को लेकर चिंता जताई गई है। पार्टी नेतृत्व ने संकेत दिए हैं कि सभी राज्यों में सामाजिक समीकरणों के अनुरूप क्षेत्रवार रणनीति पर काम किया जाएगा।
नई गतिविधियों की शुरुआत
भाजपा के नए केंद्रीय पदाधिकारियों के कामकाज संभाल लेने के बाद अब पार्टी की गतिविधियों में तेजी लाई जा रही है। सूत्रों के अनुसार पार्टी नेतृत्व ने सभी नए महासचिवों को कहा है कि वह संगठनात्मक गतिविधियों की समीक्षा कर राज्यों के नेतृत्व के साथ संवाद को तेज करें। जहां सरकारें हैं वहां पर मुख्यमंत्रियों के साथ भी संवाद किया जाए। साथ ही इन राज्यों से केंद्र सरकार में मंत्रियों व सांसदों के साथ भी समन्वय बनाया जाए। महासचिवों से कहा गया है कि वह किसी भी तरह की खेमेबाजी की स्थिति पैदा न होने दें और इस मामले में सख्ती से काम किया जाए।
जल्द होंगी नियुक्तियां
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सूत्रों के अनुसार हाल में पार्टी की उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में नेतृत्व ने साफ किया है कि चुनाव वाले सभी राज्यों के केंद्रीय संगठन प्रभारियों की नियुक्ति सितंबर के पहले सप्ताह में कर दी जाएगी। पार्टी ने अभी उत्तर प्रदेश, पंजाब व गुजरात के लिए संगठन प्रभारियों की नियुक्ति की है। अगले साल की शुरुआत में उत्तर प्रदेश व पंजाब के साथ उत्तराखंड, मणिपुर व गोवा में भी चुनाव है, जबकि साल के आखिर में गुजरात व हिमाचल प्रदेश के चुनाव है।
सामाजिक समीकरणों पर जोर
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संगठन प्रभारियों के साथ चुनाव प्रभारियों की भी नियुक्ति की जानी है। आम तौर पर चुनाव प्रभारी के रूप में केंद्रीय मंत्रियों को जिम्मेदारी दी जाती है। पार्टी ने संकेत दिए हैं कि चुनाव वाले बड़े राज्यों में तीन से छह क्षेत्र बनाकर वहां के समाजिक समीकरणों के अनुसार रणनीति बनाई जाएगी और उसी के हिसाब के दूसरे राज्यों के नेताओं को इन क्षेत्रों में भेजा जाएगा। दूसरे राज्यों के नेता नवंबर से विधानसभा स्तर पर तैनात किए जाएंगे, जिनकी भूमिका प्रबंधन सहयोग के साथ सामाजिक संपर्क की ज्यादा रहेगी।
आवश्यक माइक्रो मैनेजमेंट
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सूत्रों के अनुसार उत्तर प्रदेश में छह, उत्तराखंड में दो, पंजाब में तीन से चार, मणिपुर में दो, गोवा में दो क्षेत्र है। इन क्षेत्रों के सामाजिक व राजनीतिक समीकरण अलग अलग हैं और उनको साधने के लिए उसी हिसाब से रणनीति व तैनाती की जाएगी। पार्टी मुख्य चुनाव प्रचार से पहले सामाजिक संपर्क कर माइक्रो मैनेजमेंट पर ज्यादा काम करेगी और उसके देश भर के नेता इन सामाजिक संपर्कों में छोटी बैठकों, सम्मेलनों, सेमीनार, विभिन्न गैर राजनीतिक सोशल इवेंट आदि में ज्यादा हिस्सेदारी करेंगे।
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