कांग्रेस का तुष्टिकरण बेनकाब: अजय साह

हिन्दुस्तान, रांची
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झारखंड भाजपा प्रवक्ता अजय साह ने कहा कि कांग्रेस पार्टी पर अब भी मुस्लिमों का पहला अधिकार है। उन्होंने कहा कि पार्टी ने दो वरिष्ठ नेताओं को योगी मॉडल की प्रशंसा के कारण निष्कासित कर दिया। इससे स्पष्ट होता है कि कांग्रेस में विचारों की स्वतंत्रता कम हो गई है। अनुशासन के लिए अलग-अलग मापदंडों का इस्तेमाल हो रहा है।

कांग्रेस का तुष्टिकरण बेनकाब: अजय साह

रांची, हिन्दुस्तान ब्यूरो। भाजपा प्रदेश प्रवक्ता अजय साह ने कहा कि झारखंड कांग्रेस के हालिया फैसले से ऐसा प्रतीत होता है कि कांग्रेस पार्टी पर आज भी पहला अधिकार मुस्लिमों का है। झारखंड कांग्रेस का अपने ही वरिष्ठ नेताओं के खिलाफ लिया गया फैसला इसका प्रत्यक्ष उदाहरण है। अजय ने कहा कि जैसे ही कांग्रेस के दो वरिष्ठ नेताओं अभिलाष साहू और अमरेंद्र सिंह ने योगी मॉडल की प्रशंसा की झारखंड कांग्रेस ने उनके खिलाफ तत्काल कठोर कार्रवाई कर दी। अजय साह ने कहा कि यदि दोनों नेताओं को केवल उनके पदों से हटाया गया होता, तब भी इसे पार्टी का आंतरिक अनुशासनात्मक निर्णय माना जा सकता था।

लेकिन पीढ़ियों और वर्षों से कांग्रेस के लिए काम करने वाले नेताओं को प्राथमिक सदस्यता तक से निष्कासित कर देना यह बताता है कि कांग्रेस में अब अपनी विचारधारा और राष्ट्रहित से जुड़े मुद्दों पर स्वतंत्र रूप से बोलने की कितनी गुंजाइश बची है।अजय साह ने कहा कि झारखंड कांग्रेस के नेता योगेन्द्र साव, राधाकृष्ण किशोर, प्रदीप यादव समेत कई नेता समय-समय पर अपनी ही पार्टी और नेतृत्व के खिलाफ खुलकर बयान देते रहे हैं, लेकिन उनके खिलाफ कभी ऐसी कठोर कार्रवाई देखने को नहीं मिली। योगेन्द्र साव ने तो मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के खिलाफ भी कई बार बेहद तीखे बयान दिए, इसके बावजूद कांग्रेस ने उन्हें निष्कासित करने के बाद कुछ ही समय में वापस ले लिया। इससे स्पष्ट है कि कांग्रेस में अनुशासन और कार्रवाई के लिए अलग-अलग नेताओं के लिए अलग-अलग मापदंड हैं।

Akhilesh Singh

लेखक के बारे में

Akhilesh Singh

शॉट बॉयो: अखिलेश सिंह बीते 19 सालों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। वर्तमान में झारखंड स्टेट ब्यूरो में बतौर विशेष संवाददाता केंद्रीय एजेंसियों- ईडी, सीबीआई, एनआईए के साथ-साथ राज्य में अपराध की खबरों को कवर कर रहे हैं। क्राइम एंड इंवेस्टिगेशन जर्नलिज्म में विशेषज्ञता हासिल करने के साथ राजनीतिक गतिविधियों पर भी इनकी पैनी नजर रहती है।

परिचए एवं अनुभव: अखिलेश सिंह झारखंड की पत्रकारिता के चर्चित चेहरों में शुमार किए जाते हैं। टीवी मीडिया से साल 2007 में करियर की शुरुआत करने के बाद 2011 में हिन्दुस्तान में अपराध संवाददाता के तौर पर काम शुरू किया। इस दौरान राज्य के चर्चित राज्यसभा हॉर्स ट्रेडिंग केस, संजीवनी बिल्डकॉन घोटाला, कोल स्कैम जैसे चर्चित केस कवर किए। राजनीतिक घटनाक्रमों को प्रभावित करने वाले रांची के जमीन घोटाले समेत अन्य चर्चित कांडों में एजेंसियों से ब्रेकिंग व एक्सक्लूसिव खबरें लगातार दीं, जो काफी प्रभावी व चर्चित रहीं।

करियर का सफर: अखिलेश सिंह ने 2007 में करियर की शुरुआत झारखंड के एक स्थानीय टीवी चैनल से की। बाद में राष्ट्रीय चैनल सीएनईबी के लिए झारखंड स्टेट को कवर किया। इसके बाद 2010 में आईनेक्स्ट अखबार से प्रिंट मीडिया में कदम रखा। नवंबर 2011 में हिन्दुस्तान में बतौर संवाददाता जुड़े। इसके बाद 14 सालों के सफर में अपराध की खबरों पर बारिक नजर रखते हुए विशेष संवाददाता तक का सफर तय किया।

शैक्षणिक पृष्टभूमि: रांची यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता की पढ़ाई करने और राजनीतिक विज्ञान में स्नातक होने के कारण अखिलेश सिंह की रुचि राजनीतिक गतिविधियों की कवरेज में भी रही। ऐसे में अपराध की रिपोर्टिंग के साथ-साथ हिन्दुस्तान के लिए राजनीतिक बीट पर भी खबरें करते हैं। अपराध व राजनीति की रिपोर्टिंग का कोलाज इन्हे अनूठा बनाता है।

विजन: अखिलेश की रुचि इंवेस्टिगेटिंग जर्नलिज्म में है। घपले - घोटालों को उगाजर करने के साथ ही यह सच के प्रति आग्रही हैं। खबरों को बिना लाग-लपेट उन्हें असल स्वरूप में कवर करते हैं, ताकि पाठक तक खबरों के तथ्यों की सटीक जानकारी पहुंचे।

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