भर्ती परीक्षाओं की सीबीआई जांच की मांग, भाजपा का डीसी ऑफिस पर प्रदर्शन
भाजपा जमशेदपुर महानगर ने जेपीएससी और जेएसएससी भर्ती परीक्षाओं में कथित धांधली के खिलाफ उपायुक्त कार्यालय के सामने प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने मुकदमे वापस लेने और सीबीआई जांच की मांग की। पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा और अन्य नेताओं ने निष्पक्ष जांच का समर्थन किया और कहा कि युवाओं का भविष्य प्रभावित हो रहा है।

जेपीएससी और जेएसएससी की भर्ती परीक्षाओं में कथित धांधली और अनियमितताओं के खिलाफ भाजपा जमशेदपुर महानगर ने मंगलवार को उपायुक्त कार्यालय के समक्ष प्रदर्शन किया। भाजपा कार्यकर्ताओं ने छात्रों पर दर्ज मुकदमे वापस लेने और परीक्षाओं की सीआईडी के बजाय सीबीआई जांच कराने की मांग की। प्रदर्शन से पहले कार्यकर्ता साकची स्थित जिला कार्यालय से पैदल मार्च करते हुए उपायुक्त कार्यालय पहुंचे और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। बाद में प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। इसे संबोधित करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा ने कहा कि परीक्षा में गड़बड़ी सामान्य प्रशासनिक चूक नहीं है। निष्पक्ष जांच कर दोषी अधिकारी, आयोग सदस्य, परीक्षा एजेंसी और बिचौलियों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।
पूर्व प्रदेश अध्यक्ष डॉ. दिनेशानंद गोस्वामी ने कहा कि भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ी से लाखों युवाओं का भविष्य प्रभावित हुआ है। लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन करने वाले छात्रों पर मुकदमा दर्ज करना उचित नहीं है। उन्होंने सभी मुकदमे वापस लेने और पेपर लीक व भर्ती अनियमितताओं की सीबीआई जांच की मांग की। पूर्व विधायक मेनका सरदार ने कहा कि सरकार को छात्रों की आवाज दबाने के बजाय भर्ती परीक्षाओं की निष्पक्ष जांच करानी चाहिए। दूसरी ओर, प्रदेश प्रवक्ता अभय सिंह ने कहा कि युवाओं को रोजगार देने के बजाय सरकार मुकदमों का सहारा ले रही है। यदि भर्ती व्यवस्था पारदर्शी है तो सरकार को सीबीआई जांच से पीछे नहीं हटना चाहिए। महानगर अध्यक्ष संजीव सिन्हा का कहना था कि मेहनत करने वाले छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ नहीं होने दिया जाएगा। भाजपा युवाओं की आवाज सड़क से सदन तक उठाती रहेगी। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में पार्टी पदाधिकारी और कार्यकर्ता शामिल हुए। प्रदर्शन में पूर्व जिलाध्यक्ष देवेंद्र सिंह, चंद्रशेखर मिश्रा, रामबाबू तिवारी, नंदजी प्रसाद, दिनेश कुमार, गुंजन यादव, सुधांशु ओझा, पूर्वी सिंहभूम जिलाध्यक्ष सत्या तिवारी, राजन सिंह, राजेश शुक्ल, योगेश मल्होत्रा, अनिल मोदी, कुलवंत सिंह बंटी, मिथिलेश सिंह यादव, रमेश हांसदा, कुसुम पूर्ति, बबुआ सिंह, रूबी झा, राजीव सिंह, जितेंद्र राय, मुचिराम बाउरी, कृष्णा शर्मा काली, संजीव कुमार, प्रेम झा सहित बड़ी संख्या में नेता और कार्यकर्ता शामिल हुए।


