वंदे मातरम का विरोध कर कुछ लोग देश में विभाजन की मानसिकता को बढ़ावा दे रहे हैं - नवीन
वंदे मातरम का विरोध कर कुछ लोग देश में विभाजन की मानसिकता को बढ़ावा दे रहे हैं - नवीन --------------------------------------------कांग्रेस पर परोक्ष रूप से साधा निशाना, कहा जनता बदल देगी...

वंदे मातरम का विरोध कर कुछ लोग देश में विभाजन की मानसिकता को बढ़ावा दे रहे हैं - नवीन ------------------------------------------- -कांग्रेस पर परोक्ष रूप से साधा निशाना, कहा जनता बदल देगी सोच
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नईदिल्ली। विशेष संवाददाता
विरोध और देश में विभाजन
भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन ने विपक्ष को परोक्ष रूप से कठघरे में खड़ा करते हुए उस पर वंदे मातरम का अपमान पर देश में विभाजन की मानसिकता को बढ़ावा देने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि वंदे मातरम्, जिसने भारत के स्वतंत्रता संघर्ष की नींव रखी और हमारे शहीदों तथा आजादी के दीवानों के लिए देशभक्ति का गीत बन गया, उसका आज भी इस देश में कुछ लोगों द्वारा अपमान किया जाता है। नवीन ने पिछली कांग्रेस सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि उनके कार्यकालों में देश के संसाधनों को धार्मिक और सामाजिक आधार पर बांटने की कोशिशें की गईं।
भारत की संस्कृति और विरासत
दिल्ली के तालकटोरा स्टेडियम में संत गुरु रविदास की 650वीं जयंती के मौके पर समरसता संकल्प दिवस कार्यक्रम को संबोधित करते हुए नवीन ने कहा कि भारत की संस्कृति और विरासत को सालों से चुनौतियों का सामना करना पड़ा है, लेकिन उनकी जड़ें इतनी मजबूत हैं कि वे उनका सामना कर सकती हैं। लोगों ने इस देश पर सैकड़ों साल तक शासन किया, लेकिन वे हमारी संस्कृति की नींव को उखाड़ने में नाकाम रहे। आज भी कुछ लोग समाज में बांटने की सोच के साथ काम करते हैं।
भविष्य की सोच
नवीन ने कहा कि इस देश की मिट्टी में इतनी ताकत है कि अगर लोदी और सिकंदर जैसे लोगों की सोच बदली जा सकती थी, तो आने वाले समय में भारत की मिट्टी की ताकत उन लोगों की सोच भी बदल देगी जिन्होंने वंदे मातरम् का अपमान किया है। भारत के लोग उनकी सोच बदल देंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार के कामों का उल्लेख करते हुए नवीन ने कहा कि देश के संसाधनों पर पहला हक गरीबों का है, जिनकी दुआओं से यह सरकार सत्ता में आई। सरकारी योजनाएं समाज के आखिरी व्यक्ति को ध्यान में रखकर और जाति, समुदाय या पहचान के आधार पर बिना किसी भेदभाव के बनाई जाती हैं।
समरसता संकल्प अभियान
भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि भाजपा ने संत रविदास के सामाजिक समरसता के विचारों पर आधारित समरसता संकल्प अभियान शुरू किया है। ऐसे समय में जब समाज में गहरी सामाजिक असमानताएं और कई सामाजिक बुराइयां थीं, उनके विचारों और प्रयासों ने इन कुरीतियों पर कड़ा प्रहार किया और देश भर में सामाजिक समरसता की नींव रखी। विदेशी आक्रमणों और धर्म परिवर्तन की कोशिशों के दौर में रविदास के विचारों और संघर्ष ने भारतीय समाज और सनातन परंपराओं की रक्षा करने में मदद की।
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