सिख समाज पर 84 में हुआ अमानवीय कृत्य नहीं भूलेंगे: नितिन नवीन
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने 1984 में सिख समाज पर हुए अमानवीय कृत्य की याद दिलाते हुए कहा कि उस त्रासदी का दर्द आज भी मौजूद है। उन्होंने सिख समुदाय की सेवा और बलिदान के इतिहास को सराहा और कहा कि कांग्रेस के शासन में पीड़ित परिवार न्यास की खोज में थे। मोदी सरकार ने करतारपुर कॉरिडोर खोलकर ऐतिहासिक कदम उठाया है।

रुद्रपुर, वरिष्ठ संवाददाता। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने कहा कि 1984 के सिख समाज पर हुए अमानवीय कृत्य को न समाज भूलेगा और न ही भाजपा। उन्होंने कहा कि 1984 में निर्दोष सिखों के साथ अमानवीय कृत्य की पीड़ा को शब्दों में व्यक्त नहीं कर सकते हैं। तब समाज ने जो त्रासदी झेली, उसका दर्द आज भी उनके दिलों में जीवित है। उन्होंने होटल आर्क में गुरुवार को पंजाबी गौरव सम्मेलन को संबोधित करते हुए ये बातें कहीं। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि कांग्रेस के शासनकाल में लंबे समय तक पीड़ित परिवार न्याय का इंतजार करते रहे।
वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में वर्ष 2015 में एसआईटी गठित की गई और वर्षों से लंबित मामलों को आगे बढ़ाने का काम किया गया। उन्होंने कहा कि सिख समाज का इतिहास सेवा, साहस, भाईचारे और बलिदान से भरा हुआ है। देश की आजादी की लड़ाई से लेकर सीमाओं की रक्षा तक सिख समाज के वीरों ने अपना सर्वोच्च बलिदान दिया है। जब भी देश और समाज को आवश्यकता पड़ी, सिख समाज सबसे आगे खड़ा नजर आया। गुरुद्वारों में चलने वाला लंगर हो, आपदा या संकट के समय सेवा हो, सिख समाज ने सदैव राष्ट्र को सर्वोपरि रखा है।नितिन नवीन ने करतारपुर साहिब कॉरिडोर का उल्लेख करते हुए कहा कि गुरुनानक देव जी ने करतारपुर साहिब में अपने जीवन के महत्वपूर्ण वर्ष व्यतीत किए, लेकिन विभाजन के बाद दशकों तक भारत के श्रद्धालु इस पवित्र स्थान को सीमा से दूरबीन के माध्यम से देखकर ही नमन करते रहे। करीब सात दशक तक श्रद्धालुओं में पवित्र धर्मस्थल तक नहीं पहुंच पाने की पीढ़ा रही। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में करतारपुर साहिब कॉरिडोर खुलने के बाद श्रद्धालु अब यहां प्रत्यक्ष दर्शन कर रहे हैं। केंद्र सरकार ने सिख समाज के लिए ऐतिहासिक कदम उठाकर वर्षों पुरानी पीड़ाओं को कम करने का प्रयास किया है।


