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भाजपा या कांग्रेस, किसके साथ जाएंगे लद्दाख के निर्दलीय सांसद? खुद बताया

न्यूज एजेंसी पीटीआई को दिए एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि लद्दाख में इस बार का चुनाव अलग था। अब तक चुनाव धार्मिक या क्षेत्रीय आधार पर होते थे। इस बार लोगों ने केवल मुद्दों पर वोट दिया।

भाजपा या कांग्रेस, किसके साथ जाएंगे लद्दाख के निर्दलीय सांसद? खुद बताया
Himanshu Jhaपीटीआई,नई दिल्ली।Thu, 13 Jun 2024 12:55 PM
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लोकसभा चुनाव में लद्दाख संसदीय सीट से जीत दर्ज करने वाले निर्दलीय सांसद को लेकर सियासी गलियारों में कयासों का बाजार गर्म है। उनसे लगातार यह सवाल पूछा जा रहा है कि वह संसद में किसका साथ देंगे। आपको बता दें कि नेशनल कॉन्फ्रेंस से इस्तीफा देने के बाद उन्होंने निर्दलीय चुनाव लड़ा था। उन्होंने अपनी सीट से शानदार जीत दर्ज की है।

लद्दाख के नवनिर्वाचित सांसद मोहम्मद हनीफा जान ने कहा कि उनकी प्रमुख मांग छठी अनुसूची और लद्दाख को पूर्ण राज्य का दर्जा दिलाना है। उन्होंने कहा कि वह अपने निर्वाचन क्षेत्र के लोगों को उनके अधिकार दिलाने के लिए राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के साथ-साथ विपक्षी गठबंधन इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इन्क्लूसिव अलायंस (INDA) के नेताओं से भी संपर्क करेंगे।

न्यूज एजेंसी पीटीआई को दिए एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि लद्दाख में इस बार का चुनाव अलग था। अब तक चुनाव धार्मिक या क्षेत्रीय आधार पर होते थे। इस बार लोगों ने केवल मुद्दों पर वोट दिया।

आपको बता दें कि साल 2019 में अनुच्छेद 370 के कुछ प्रावधानों को निरस्त किये जाने के बाद लद्दाख को जम्मू-कश्मीर से अलग कर केंद्र शासित प्रदेश बनाया गया। लद्दाख में पिछले कुछ वर्षों में संविधान की छठी अनुसूची के तहत सुरक्षा उपायों और राज्य के दर्जे की मांग को लेकर कई विरोध प्रदर्शन हुए हैं। इन दो मांगों के अलावा एक अलग लोक सेवा आयोग और करगिल के साथ-साथ लेह को अलग-अलग लोकसभा सीट देने की मांग भी शामिल है। ‘लेह एपेक्स बॉडी’ और ‘करगिल डेमोक्रेटिक अलायंस’ ने चुनाव से पहले गृह मंत्रालय को अपनी मांगों से अवगत कराया था।

गृह मंत्रालय ने चुनाव से पहले उनकी प्रमुख मांगों को ठुकरा दिया था। गृह मंत्रालय के इनकार करने के कारण लेह में पर्यावरणविद सोनम वांगचुक के नेतृत्व में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन हुआ। चुनाव से ठीक पहले आंदोलन को स्थगित कर दिया गया था।

हनीफा जान ने कहा, ''पिछले पांच वर्षों से लोग केंद्र शासित प्रदेश की व्यवस्था के बारे में शिकायत कर रहे हैं। वे भविष्य में अपने रोजगार को लेकर चिंतित हैं। कई युवाओं के सपने चकनाचूर हो गए हैं। जो लोग पढ़ाई कर रहे हैं, वे भी अपने भविष्य को लेकर आश्वस्त नहीं हैं। यह लद्दाख में एक आम मुद्दा है। हम पिछले पांच वर्षों से इन मुद्दों पर लड़ रहे हैं। कांग्रेस ने भी चुनावों में यही मुद्दे उठाए थे। अगर आप मत प्रतिशत को एक साथ जोड़ दें तो लद्दाख के 80 प्रतिशत लोगों ने कहा कि वे यथास्थिति से खुश नहीं हैं और वे इन मुद्दों का समाधान चाहते हैं।''

लद्दाख के सांसद ने मंगलवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी के साथ बैठक की और कहा कि उन्होंने चार सूत्री मांगें कांग्रेस नेता को बताया है। हनीफा जान ने कहा, '' राहुल गांधी के साथ बैठक अच्छी रही। हमने लद्दाख के लोगों की मांगों को विस्तार से साझा किया और पूछा कि वे हमें किस हद तक समर्थन दे सकते हैं। मैंने विपक्षी गठबंधन इंडिया के शीर्ष नेताओं से मुलाकात की, मैं सरकार के प्रतिनिधियों से भी मिलूंगा और मुद्दों को उठाऊंगा। मुझे उम्मीद है कि सरकार भी लद्दाख के लोगों की चिंताओं पर ध्यान देगी और उनका समाधान करेगी।''