उत्तराखंड के 1.40 लाख पूर्व सैनिकों को साध गए नवीन
हल्द्वानी में आयोजित पूर्व सैनिकों के गौरव सेनानी सम्मेलन में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने 1.40 लाख पूर्व सैनिकों को साधने का प्रयास किया। उन्होंने पूर्व सैनिकों की राजनीतिक अहमियत और आगामी चुनावों में सहयोग मांगा। सम्मेलन में सैनिकों की भागीदारी और योगदान की भी सराहना की गई।

हल्द्वानी। हल्द्वानी में आयोजित पूर्व सैनिकों के गौरव सेनानी सम्मेलन में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने अपने संबोधन से राज्य के करीब 1.40 लाख पूर्व सैनिकों को साधने का प्रयास किया। आगामी विधानसभा चुनावों से पहले राष्ट्रीय अध्यक्ष के इस दौरे और पूर्व सैनिकों पर विशेष फोकस के राजनीतिक गलियारों में बड़े मायने निकाले जा रहे हैं। बताया जा रहा है कि खुद नितिन नवीन ने इस सम्मेलन के आयोजन की रूपरेखा तय करवाई थी, जो सैनिकों के प्रति पार्टी की सर्वोच्च प्राथमिकता को दर्शाता है। सम्मेलन में राष्ट्रीय अध्यक्ष ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि पूर्व सैनिक उनके दिल में बसते हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व का हवाला देते हुए पूर्व सैनिकों में जोश भरा और वर्ष 2027 के चुनावों के लिए पूरी एकजुटता के साथ डबल इंजन सरकार के पक्ष में सहयोग मांगा。
पूर्व सैनिकों की राजनीतिक महत्ता
कुल मतदाताओं में पूर्व सैनिकों की 17 प्रतिशत भागीदारी
सैनिक बाहुल्य उत्तराखंड में पूर्व सैनिकों का राजनीतिक और सामाजिक प्रभाव बेहद मजबूत है। सैनिक कल्याण विभाग के आंकड़ों के मुताबिक राज्य की कुल जनसंख्या का लगभग 10 प्रतिशत हिस्सा पूर्व सैनिकों और उनके आश्रितों का है। जबकि कुल मतदाताओं में पूर्व सैनिकों की भागीदारी करीब 17 प्रतिशत है। यही कारण है कि चुनावी दृष्टि से यह वर्ग राजनीतिक दलों के लिए बेहद अहम माना जाता है।
सम्मेलन में नितिन का संबोधन
सैनिकों के साथ समय बिताना सौभाग्य की बात: नितिन
राष्ट्रीय अध्यक्ष ने संबोधन के दौरान कहा कि सैनिकों व पूर्व सैनिकों के बीच समय बिताना उनके लिए सौभाग्य की बात है। सैनिक स्कूल घोड़ाखाल का जिक्र करते हुए कहा कि यहां से देश को 800 से अधिक सैन्य अफसर मिले हैं। जनरल बिपिन रावत को याद करते हुए कहा कि देश को पहला सीडीएस उत्तराखंड से ही मिला। उन्होंने पूर्व सीएम बीसी खंड़ूड़ी को भी सैनिकों के हित में कार्य करने के लिए याद किया।
पूर्व सैनिकों की भागीदारी
कुमाऊं से गढ़वाल तक के पूर्व सैनिक पहुंचे
गौरव सेनानी सम्मेलन में कुमाऊं से लेकर गढ़वाल तक के पूर्व सैनिक बैच और टोपी लगाकर पहुंचे। वीरांगनाएं भी मौजूद रहीं। हल्द्वानी की आम जनता भी यहां नितिन नवीन और सीएम धामी को सुनने पहुंची थी。


