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लोकसभा चुनाव 2019: इस ओर इशारा करती है बीजेपी की लिस्ट, पार्टी की ये है सबसे बड़ी चिंता

pm modi with bjp president amit shah photo    vipin kumar  ht   photo

BJP candidates list: लोकसभा चुनाव 2019 के लिए भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने अभी तक 306 उम्मीदवार की घोषणा कर चुकी है और उसकी लिस्ट में सबसे महत्वपूर्ण है कि वह पीढ़ीगत बदलाव की ओर इशारा करती है। सत्तारूढ पार्टी की सबसे बड़ी चिंता सत्ता विरोधी लहर है और विशेष रूप से उत्तर प्रदेश में उसकी चिंताएं ज्यादा है। 

लोकसभा के लगभग 50 सांसदों के टिकट अब तक बीजेपी काट चुकी है। यहां तक की प्रधानमंत्री मोदी और पार्टी चीफ अमित शाह के नेतृत्व वाली बीजेपी की केंद्रीय नेतृत्व ने बुजुर्ग नेता लालकृष्ण आडवाणी, कलराज मिश्र, शांता कुमार, बीसी खंडूरी और भगत सिंह कोश्यारी जैसे दिग्गजों को सीधे चुनाव से दूर रखा है। 

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यह बदलाव 2014 में बीजेपी के सत्ता में आने के बाद से शुरू हुआ था जब पीएम मोदी ने 75 साल से अधिक उम्र के नेताओं को मंत्री पद देने से इनकार कर दिया था। चुनाव लड़ने के लिए बुजुर्ग नेताओं को टिकट नहीं देने से पार्टी ने संकेत दिया है कि पार्टी में पीढ़ीगत बदलाव अगले स्तर पर पहुंच गया है। 91 वर्षीय आडवाणी की गांधी नगर से अब अमित शाह चुनाव लड़ेंगे लेकिन इस बारे में पार्टी के बुजुर्ग नेता ने कुछ नहीं कहा। वहीं नाम ना छापने की शर्त पर बीजेपी के आंतरिक परामर्श के सदस्य बीजेपी नेता ने बताया कि इन नेताओं भावी भूमिका के बारे में फैसला चुनावों के बाद लिया जाएगा। 

इस बीच, पार्टी के एक महासचिव ने नाम ना छापने की शर्त पर बताया है कि उत्तर प्रदेश में 'जीतने वाले उम्मीदवारों'  को चुनना आसान नहीं है, क्योंकि बहुजन समाज पार्टी-समाजवादी पार्टी (बीएसपी-एसपी) गठबंधन का राज्य में जाति अंकगणित एक गंभीर चुनौती है। बीजेपी उत्तर प्रदेश के 31 उम्मीदवारों के नाम की घोषणा कर चुकी है जिसमें से छह मौजूदा सांसदों के टिकट भी काटे गए हैं। बीजेपी ने कैराना के उम्मीदवार का भी टिकट काट दिया है जो 2018 के उपचुनाव में हार गया था। 

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बीजेपी ने 2014 के लोकसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश की 80 सीटों में से 71 सीटों पर जीत हासिल की थी और दो सीटों पर बीजेपी की सहयोगी अपना दल ने जीत हासिल की थी। लेकिन उपचुनावों में बसपा-सपा गठबंधन के चलते बीजेपी ने दो सीटों पर हार का सामना करना पड़ा था। बीजेपी के महासचिव ने बताया कि उम्मीदवारों के चयन के लिए काफी मेहनत और रिसर्च करनी पड़ी। उन्होंने कहा कि एक बार लिस्ट आने पर, हम एक-तिहाई सांसदों को टिकट देने से इनकार कर सकते हैं।

छत्तीसगढ़ में बीजेपी ने अपने सभी दस सांसदों के टिकट काट दिए हैं। वहीं मध्य प्रदेश में अभी तक 15 सीटों पर उम्मीदवारों के नाम की घोषणा हो गई है और पांच सांसदों के टिकट काट दिए हैं। इस वजह है कि बीजेपी ने दिसंबर में दोनों राज्यों में विधानसभा चुनावों में कांग्रेस से हार का सामना करना पड़ा था। 

वहीं बिहार में पांच राजनीतिक दलों के महागठबंधन के खिलाफ बीजेपी ने बिहार की 17 सीटों में से 13 पर पुराने सांसदों को ही टिकट दिया है। तीन सांसदों के टिकट काट दिए हैं। इतना ही नहीं बीजेपी ने पांच सीटें नीतिश कुमार की जेडीयू को दे दी है जिसमें पिछले लोकसभा चुनाव में जीत हासिल की थी। बिहार के एक मंत्री ने कहा कि नए सहयोगी को जोड़ने के लिए अपनी सीटें भी उन्हें दे दी। 

सेंटर फॉर रिफॉर्म, डेवलपमेंट एंड जस्टिस के अध्यक्ष सिद्धार्थ मिश्रा ने कहा कि बीजेपी की उम्मीदवारों की लिस्ट एक "युद्ध योजना" को दर्शाती है। युद्ध की योजना कुछ बड़े लक्ष्यों को प्राप्त करना है, जैसे कि नए चेहरों को उतारना... कुछ राज्यों के लिए एक युद्ध योजना है जहां विपक्ष एक साथ आए हैं। युद्ध की योजना ने पार्टी से कुछ उम्मीदवारों को बदलने की मांग की। 

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कांग्रेस के प्रवक्ता प्रणव झा ने बीजेपी पर आरोप लगाया कि यह पार्टी 'फाउंडिंग फादर' है। जिस तरह से पार्टी के बुजुर्गों और वरिष्ठ संस्थापक सदस्यों के साथ व्यवहार किया जा रहा है, वह सबसे दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि हमारा दिल दुखता है जब आडवाणी जी, मुरली मनोहर जोशी जी, उमा भारती जी या कलराज मिश्र जी के साथ ऐसा व्यवहार किया जा रहा है जैसे वह पुराने फर्नीचर हो। एक समाज उस तरीके से जाना जाता है जिस तरह वह अपने से बड़ों का व्यवहार करता है। मुझे यकीन है कि आज जो एक बोता है उसे कल भी काटना होगा।

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  • Web Title:BJP list of 306 candidates announced so far for 2019 Lok Sabha elections points to a key generational shift