संसद से लेकर संगठन तक के लिए भाजपा में बड़ी कवायद
-प्रधानमंत्री मोदी के साथ नवीन, शाह व संतोष की बैठक -महिला आरक्षण विधेयक के

नई दिल्ली। संसद के मानसून सत्र और पार्टी के नए केंद्रीय संगठन के लिए भाजपा नेतृत्व की कवायद तेज हो गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ बुधवार रात को भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन, गृह मंत्री अमित शाह व संगठन महामंत्री बी एल संतोष ने अहम बैठक की है। इसके पहले मंगलवार को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ व भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन की अमित शाह के साथ अलग-अलग बैठकें हुई थीं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संसद सत्र के पहले बुधवार शाम को पार्टी अध्यक्ष नितिन नवीन, गृह मंत्री अमित शाह व महामंत्री संगठन बी एल संतोष के साथ लंबी बैठक की है। सूत्रों के अनुसार, बैठक में संसद सत्र के लिए भावी ऐजेंडे खासकर महिला आरक्षण संशोधन विधेयक व परिसीमन विधेयक के लिए आवश्यक संख्या बल जुटाने और अयोध्या में श्रीराम मंदिर में चढावा चोरी को लेकर प्रभावी कार्रवाई को लेकर चर्चा हुई है। बैठक में हाल में संघ की बैठक से लौटे बी एल संतोष का रहना भी महत्वपूर्ण है。
संसद सत्र को लेकर अहम है बैठक
सूत्रों का कहना है कि भाजपा नेतृत्व ने संसद सत्र में लोकसभा में दो तिहाई बहुमत हासिल करने को लेकर भी मौजूदा स्थितियों की चर्चा की है। बीते बजट सत्र में सरकार को इस विधेयक पर 298 वोट मिले थे, जिसमें राजग के 293 सांसदों के साथ पांच अतिरिक्त वोट थे। 543 सदस्यीय सदन में दो तिहाई बहुमत के लिए 360 का आंकड़ा चाहिए। बीते सत्र से अभी तक सरकार के साथ तृणमूल कांग्रेस से अलग हुए 20 सांसदों व शिवसेना यूबीटी से अलग हुए छह सांसदों का समर्थन जुड़ा है। सरकार का समर्थन इससे 324 का हो गया है। अब केवल 36 सांसदों का समर्थन जुटाना बाकी है।
महिला आरक्षण विधेयक के लिए तैयारी
सूत्रों का कहना है कि सरकार से तय किया है कि मानसून सत्र में ही महिला आरक्षण विधेयक को पारित कराया जाएगा। इसके लिए सरकार के प्रबंधकों ने अन्य दलों से चर्चा शुरू कर दी है। राकांपा (शरद पवार) ने सरकार को इस मुद्दे पर समर्थन के संकेत भी दिए हैं। पार्टी नेता सुप्रिया सुले ने कहा है कि उनकी पार्टी परिसीमन बिल पर समर्थन के लिए सरकार से स्पष्टता चाहती है। लोकसभा सीटों की संख्या 50 फीसद बढ़ाने समेत अन्य मुद्दों पर सरकार चर्चा के लिए तैयार होती है तो उनकी पार्टी परिसीमन बिल के समर्थन पर विचार कर सकती है। यानी बिल अभी आया भी नहीं, लेकिन समर्थन के संकेत पहले ही सामने आ गए।
नंबर गेम पर भी चर्चा
सूत्रों के अनुसार प्रधानमंत्री के साथ बैठक में शरद पवार व एकनाथ शिंदे के साथ हुई बैठक के साथ द्रमुक नेता स्टालिन से मिले संकतों पर भी चर्चा हुई है। एकनाथ शिंदे ने एक दिन पहले अमित शाह से मुलाकात की थी। सपा के साथ भी सरकार का संपर्क बना हुआ है और अन्य छोटे दलों, आप (3), झामुमो(3), राजद(4) आदि के साथ भी संपर्क संवाद है। राकांपा (एसपी) के आठ सांसद हैं और इनका समर्थन मिलता तो सरकार के पास समर्थन 324 से बढ़कर 332 हो जाएगा। द्रमुक के 22 सांसदों की स्थिति साफ होने पर आंकड़ा 354 हो जाता है। उस स्थिति में छोटे दल सरकार को दो तिहाई का आंकड़ा दिला सकते हैं। सूत्रों का यह भी कहना है कि सपा को लेकर भी अंदरूनी तौर पर काम हो रहा है और नेशनल कांफ्रेंस (2) के साथ भी संपर्क है।
मंदिर और उपचुनाव पर फीडबैक
सूत्रों के अनुसार, बैठक में भाजपा की नई टीम, राम मंदिर पर संघ से लेकर पार्टी का फीडबैक, उपचुनाव की स्थिति आदि पर भी चर्चा हुई है।


