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आज अयोध्या नहीं जा रहे अमित शाह, परिवार संग इस मंदिर में करेंगे पूजा; जानें कौन कहां रहेगा

रामलला की मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा के दौरान देश के अलग-अलग हिस्सों से आए 14 दंपति यजमान के दायित्व का निर्वहन करेंगे। ये सभी भारत के उत्तर, पूर्व, पश्चिम, दक्षिण और पूर्वोत्तर से हैं।

आज अयोध्या नहीं जा रहे अमित शाह, परिवार संग इस मंदिर में करेंगे पूजा; जानें कौन कहां रहेगा
Niteesh Kumarलाइव हिन्दुस्तान,नई दिल्लीMon, 22 Jan 2024 08:22 AM
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अयोध्या के राम मंदिर में रामलला की होने वाली प्राण प्रतिष्ठा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत करीब 7 हजार लोग शामिल होंगे। श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की ओर से आमंत्रित ये वो लोग हैं जो प्राण प्रतिष्ठा के वक्त राम मंदिर परिसर में मौजूद रहेंगे। हालांकि, इस दौरान भाजपा के कई दिग्गज नेता वहां नहीं होंगे क्योंकि उनके अलग कार्यक्रम हैं। बीजेपी के कई सीनियर लीडर देश के अलग-अलग मंदिरों से प्राण प्रतिष्ठा समारोह का लाइव प्रसारण देखेंगे। इसी कड़ी में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह अपने परिवार के साथ बिरला मंदिर में मौजूद रहेंगे और करीब तीन घंटे तक समारोह की लाइव-स्ट्रीमिंग देखेंगे। प्राण प्रतिष्ठा होने पर राष्ट्रीय राजधानी के मंदिर मार्ग पर मिट्टी के दीए जलाकर दिवाली मनाई जाएगी।

भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा नई दिल्ली के झंडेवालान मंदिर में मौजूद रहेंगे और प्राण प्रतिष्ठा का सीधा प्रसारण देखेंगे। लालकृष्ण आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी और रविशंकर प्रसाद पार्टी के वे चेहरे हैं जिन्हें प्राण प्रतिष्ठा में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया गया है। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ प्राण प्रतिष्ठा में शामिल होंगे। राज्य के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक भी अयोध्या में मौजूद रहेंगे। मालूम हो कि इस समारोह में यजमान के तौर पर अनुष्ठान करने के लिए अति पिछड़े से लेकर दलित समाज सहित विभिन्न जाति के लोगों को बुलाया गया है।

शिंदे और फडणवीस भी आज नहीं जाएंगे अयोध्या
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे भी प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम में शामिल नहीं होंगे। उन्होंने कहा कि कुछ लोगों के साथ जाने के बजाय मैं राज्य मंत्रिमंडल के सभी सदस्यों के साथ-साथ विधायकों और सांसदों को लेकर बाद में जाऊंगा। मंदिर हमारी आस्था और गौरव से जुड़ा हुआ है। इससे पहले उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा था कि वह फरवरी में राम सेवा के लिए अयोध्या जाएंगे। वहीं, शिवसेना (यूबीटी) सांसद संजय राउत ने कहा कि उद्धव ठाकरे राम मंदिर के अभिषेक में शामिल नहीं होंगे, बल्कि 22 जनवरी को नासिक में होंगे। यहां वह ग्रामीण नासिक के भागुर में वीर सावरकर के जन्मस्थान पर जाएंगे और शाम को श्री कालाराम मंदिर और गोडा घाट पर आरती करेंगे।

घुमंतू समाज ट्रस्ट से महादेव राव भी होंगे यजमान
श्रीरामलला की मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा के दौरान देश के विभिन्न हिस्सों से आए 14 दंपति यजमान के दायित्व का निर्वहन करेंगे। ये सभी भारत के उत्तर, पूर्व, पश्चिम, दक्षिण और पूर्वोत्तर से हैं। ये मुख्य यजमान होंगे। यजमानों की सूची में उदयपुर से रामचंद्र खरादी, असम से राम कुई जेमी, जयपुर से गुरुचरण सिंह गिल, हरदोई से कृष्ण मोहन, मुल्तानी से रमेश जैन, तमिलनाडु से आदलरासन और महाराष्ट्र से विठ्ठल कामनले शामिल हैं। इसी तरह, महाराष्ट्र के लातूर में घुमंतू समाज ट्रस्ट से महादेव राव, कर्नाटक से लिंगराज बासवराज, लखनऊ से दिलीप वाल्मिकी, डोमराजा के परिवार से अनिल चौधरी, काशी से कैलाश यादव, हरियाणा के पलवल से अरुण चौधरी और काशी से कवींद्र प्रताप सिंह भी इस लिस्ट में शामिल हैं।

पत्नी के साथ प्राण प्रतिष्ठा में शामिल होंगे यजमान 
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख सुनील अंबेकर ने बताया कि हिंदू धर्म के अंतर्गत एक मंदिर की पूजा में व्यापक अनुष्ठान होते हैं। कई अधिवास होते हैं। मुख्य प्राण प्रतिष्ठा पूजा में 14 दंपति हिस्सा लेंगे। अंबेकर ने कहा, 'ये लोग इस समारोह में अपनी पत्नी के साथ शामिल होंगे। इनका व्यापक सहभाग होगा और धार्मिक ग्रंथों में जैसा उल्लेख है उसी प्रकार से समग्र पूजा की जा रही है।' उन्होंने कहा कि इस देश के हर हिस्से से लोग भगवान राम की जन्मभूमि पर मंदिर निर्माण चाहते थे। कई लोगों ने इसके लिए संघर्ष किया। देश के हर कोने से लोग विभिन्न कार्यक्रमों में शामिल रहे और इसके लिए अभियान चलाया। इसलिए हर कोई इस मंदिर से जुड़ना चाहता है क्योंकि यह एक ऐतिहासिक क्षण है। यह भारत का उत्सव है और हिंदू समाज के लिए एकता का उत्सव है।
(एजेंसी इनपुट के साथ)

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