अखिलेश यादव के पीडीए को भाजपा ने बताया बेमानी
मेरठ में भाजपा के नेता रविवार को सपा पर जोरदार हमला किया। भाजपा के ओबीसी मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष प्रकाश पाल ने अखिलेश यादव के पीडीए नारे को बेमानी बताया। उन्होंने कहा कि सपा में अब आपसी सामंजस्य भी नहीं है। भाजपा नेताओं ने 2027 में प्रचंड बहुमत से लौटने का दावा किया।

मेरठ। मेरठ में भाजपा के प्रदेश स्तरीय नेताओं ने रविवार को सपा पर जोरदार हमला बोला। रविवार को भाजपा के ओबीसी मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष प्रकाश पाल और एससी मोर्चा अध्यक्ष अशोक रावत मेरठ पहुंचे। काशी टोल प्लाजा से लेकर बागपत रोड स्थित क्षेत्रीय कार्यालय में उन्होंने पार्टी नेताओं के साथ बैठक की। भाजपा के ओबीसी मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष प्रकाश पाल और एससी मोर्चा अध्यक्ष अशोक रावत ने अखिलेश यादव के पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) नारे को सिरे से खारिज करते हुए इसे बेमानी बताया। कहा कि सपा सरकार के दौरान पीडीए वर्ग का कोई महत्व नहीं था। उन्होंने आरोप लगाया कि अखिलेश यादव केवल जनता के साथ छल करते रहे हैं और चाचा-भतीजे की कारगुजारियों से अब जनता भली-भांति परिचित हो चुकी है। इस दौरान पूर्व राज्यसभा सांसद कांता कर्दम, क्षेत्रीय मंत्री पुरुषोत्तम जाटव, भाजपा जिलाध्यक्ष हरवीर पाल, पूर्व महानगर अध्यक्ष डा.चरण सिंह लिसाड़ी, क्षेत्रीय मीडिया प्रभारी गजेन्द्र शर्मा, नगर निगम कार्यकारिणी उपाध्यक्ष अनिल वर्मा, एससी मोर्चा के क्षेत्रीय संयोजक डा. हर्ष, महानगर अध्यक्ष विनय विरालिया मौजूद रहे。
सपा की मौजूदा स्थिति पर तंज
‘मुन्नी बदनाम हुई’ जैसा ही सपा का हाल
सपा की मौजूदा स्थिति पर तंज कसते हुए प्रकाश पाल ने कहा कि सपा का हाल ‘मुन्नी बदनाम हुई’ जैसा हो गया है। उन्होंने दावा किया कि सपा में अब आपसी सामंजस्य भी नहीं बचा है, यहां तक कि भाई भी एक-दूसरे को स्वीकार नहीं कर पा रहे हैं। नेताओं ने दावा किया कि अखिलेश यादव की पार्टी 2027 चुनाव से पहले ही टूट जाएगी।
भाजपा का भविष्य
प्रचंड बहुमत के साथ लौटेगी भाजपा
भाजपा नेताओं ने कहा कि देश में 55 प्रतिशत आबादी पिछड़ा वर्ग और 21 प्रतिशत आबादी एससी समाज की है, जो भाजपा को एक और हैट्रिक लगवाने में बड़ी भूमिका निभाएगी। उन्होंने कहा कि जहां-जहां चुनाव हो रहे हैं, वहां विपक्ष की बुरी तरह हार हो रही है।
विदेशी साजिशों का खतरा
विदेशी साजिशों के प्रति किया आगाह
प्रेस वार्ता के दौरान यह भी कहा गया कि केंद्र और प्रदेश की भाजपा सरकार को हटाने के लिए विदेशों से साजिशें रची जा रही हैं। उन्होंने जनता से आह्वान किया कि देश की प्रगति के लिए भाजपा की योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाना उनका मुख्य लक्ष्य है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
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Rakesh Priyadarshiशॉर्ट बायो :
राकेश प्रियदर्शी पिछले 25 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में हिन्दुस्तान में सेना और कैंट बोर्ड बीट को देख रहे हैं।
परिचय एवं अनुभव
राकेश प्रियदर्शी मीडिया जगत का एक प्रतिष्ठित नाम हैं जिन्हें पत्रकारिता में 25 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वर्तमान में वह हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में पश्चिम उत्तर प्रदेश, मेरठ में सेना और कैंट बोर्ड टीम की लीड करते हैं। 2008 से इस भूमिका में रहते हुए उन्होंने डिजिटल एवं प्रिंट मीडिया में कंटेंट के बदलते ट्रेंड्स और पाठकों की रुचि पर मजबूत पकड़ बनाई है।
कॅरियर का सफर
राकेश प्रियदर्शी ने अपने कॅरियर की शुरुआत 2000 में हिन्दुस्तान जैसे प्रमुख अखबार से की जहां उन्होंने प्रिंट पत्रकारिता की बुनियादी समझ विकसित की। 2007 से 2008 तक दैनिक जागरण में डिजिटल के साथ काम किया। 2008 से हिन्दुस्तान में शुरुआत की। यहां उन्होंने सेना, कैंट बोर्ड की खबरों की विशेष कवरेज की।
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