भाजपा के लिए बांकीपुर और दतिया विधानसभा उप चुनाव बने प्रतिष्ठा की लड़ाई

हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
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भाजपा के लिए बांकीपुर और दतिया विधानसभा उप चुनाव बने प्रतिष्ठा की लड़ाई------------------------------------टिकट तय करने को लेकर हुई की किरकिरी के बाद अब हर हाल में बड़ी जीत का दबाव-दोनों राज्यों के...

 भाजपा के लिए बांकीपुर और दतिया विधानसभा उप चुनाव बने प्रतिष्ठा की लड़ाई

भाजपा के लिए बांकीपुर और दतिया विधानसभा उप चुनाव बने प्रतिष्ठा की लड़ाई----------------------------------- -टिकट तय करने को लेकर हुई की किरकिरी के बाद अब हर हाल में बड़ी जीत का दबाव

-दोनों राज्यों के मुख्यमंत्रियों समेत केंद्रीय नेता संभाल रहे हैं चुनावी मैदान

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नईदिल्ली। विशेष संवाददाता

भाजपा के लिए प्रतिष्ठा की लड़ाई

भाजपा के लिए बिहार का बांकीपुर व मध्य प्रदेश का दतिया विधानसभा उपचुनाव प्रतिष्ठा की लड़ाई बन गए हैं। पार्टी ने दोनों उपचुनाव जीतने के लिए पूरी ताकत झोंक रही है और दोनों राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ केंद्र के कई वरिष्ठ नेताओं को मोर्चा संभालना पड़ रहा है। दरअसल दोनों सीटों पर उम्मीदवार तय करने को लेकर उठे विवाद के बाद यह स्थिति बनी हैं।

बांकीपुर और दतिया की स्थितियाँ

बिहार का बांकीपुर उपचुनाव पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के राज्यसभा सदस्य बनने के बाद विधानसभा से इस्तीफा देने से हो रहा है, जबकि मध्य प्रदेश के दतिया में कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती को एक मामले में सजा के बाद अयोग्य घोषित होने पर रिक्त हुई सीट पर हो रहा है। दोनों उपचुनाव की वजह अलग अलग हैं, लेकिन भाजपा नेतृत्व ने जिस तरह से दोनों जगह उम्मीदवार तय किए हैं, उससे हुए विवाद से यह उप चुनाव न केवल चर्चित हो गए हैं, बल्कि पार्टी के लिए प्रतिष्ठा की लड़ाई भी बन गए हैं।

बांकीपुर में भाजपा ने पहले युवा नेता अभिषेक कुमार को उम्मीदवार बनाया और नामांकन भी दाखिल करना दिया, लेकिन बाद में अचानक अभिषेक कुमार चुनाव मैदान से हट गए और तत्काल ही युवा मोर्चा के नेता नीरज कुमार सिन्हा को उम्मीदवार बनाया गया। इससे न केवल पार्टी की निर्णय प्रक्रिया को लेकर किरकिरी हुई बल्कि पार्टी को सफाई देना भी मुश्किल हो गया। चूंकि मामला राष्ट्रीय अध्यक्ष की खाली की हुई सीट का था, इसलिए राष्ट्रीय स्तर पर चर्चित भी हो गया। यहां से जन सुराज के नेता प्रशांत किशोर चुनाव लड़ रहे हैं, इसलिए चर्चा भी काफी हो रही है।

केंद्रीय नेतृत्व का हस्तक्षेप

दूसरी तरफ दतिया में भाजपा ने पिछली बार चुनाव हारने वाले राज्य के पूर्व गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा की जगह युवा चेहरे आशुतोष तिवारी को टिकट दे दिया, जिसके खिलाफ नरोत्तम मिश्रा के समर्थकों ने भारी विरोध व हंगामा किया और कई घंटो तक राष्ट्रीय राजमार्ग को बंद रखा। केंद्रीय नेतृत्व के हस्तक्षेप के बाद नरोत्तम मिश्रा को समझा बुझाया गया और मामला शांत किया गया। बाद में नामांकन में मुख्यमंत्री समेत पार्टी के प्रदेश के सभी नेता मौजूद रहे, लेकिन मंच पर नरोत्तम मिश्रा ने रोते हुए पार्टी उम्मीदवार समर्थन कर सहानुभूति बटोर ली।

भाजपा की पूरी ताकत

इन स्थितियों में भाजपा नेतृत्व ने दोनों उपचुनावों को हर हाल में जीतने के लिए पूरी ताकत झोंक दी है। बांकीपुर में राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन खुद पहुंचे और आगे भी जाएंगे। बिहार के मुख्यमंत्री समेत कई मंत्री व केंद्रीय नेताओं को भी चुनाव अभियान में लगाया गया है। दतिया में भी मुख्यमंत्री समेत कई केंद्रीय नेताओं को जिम्मेदारी दी गई है। पार्टी के लिए दोनों जगह केवल जीतना ही नहीं, बल्कि इन स्थितियों में भारी बहुमत से जीतने की बड़ी चुनौती है।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भाजपा ने बांकीपुर में किस उम्मीदवार को नामित किया था?
भाजपा ने पहले युवा नेता अभिषेक कुमार को उम्मीदवार बनाया और नामांकन भी दाखिल करना दिया।
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