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'सम्मान' से होगा चुनावी कल्याण? विधानसभा चुनाव के पहले सामाजिक संदेश देने में जुटी BJP

विशेष संवाददाता,नई दिल्लीPublished By: Shankar Pandit
Fri, 13 Aug 2021 06:37 AM
'सम्मान' से होगा चुनावी कल्याण? विधानसभा चुनाव के पहले सामाजिक संदेश देने में जुटी BJP

अगले साल की शुरुआत में होने वाले पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव के पहले भाजपा सभी सामाजिक समीकरण साधने में जुटी है। दलित, पिछड़ा व महिला आदि वर्गों को संदेश देने के लिए इन समुदायों से जुड़े केंद्रीय मंत्रिपरिषद में शामिल मंत्रियों का विशेष सम्मान किया जा रहा है। इसके जरिए पार्टी इन सामाजिक वर्गों में अपनी पैठ मजबूत करने की कोशिश कर रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पिछले महीने अपनी मंत्रिपरिषद का विस्तार कर 43 नए मंत्रियों को शामिल किया था। इनमें भाजपा के 40 मंत्री शामिल थे। इनमें सबसे ज्यादा 27 अन्य पिछड़ा वर्ग के मंत्रियों को जगह दी गई थी।

इसके साथ मोदी मंत्रिपरिषद में अन्य पिछड़ा वर्ग से आने वाले मंत्रियों की संख्या 35 हो गई है। केंद्र सरकार में अनुसूचित जाति वर्ग से आने वाले 12 मंत्री हैं, जबकि आदिवासी समुदाय से आने वाले मंत्रियों की संख्या आठ है। इसी तरह अल्पसंख्यक वर्ग से आने वाले मंत्रियों की संख्या 5 हो गई है। मोदी सरकार में 11 महिला मंत्री भी हैं। भाजपा मोदी सरकार में समाज के विभिन्न समुदायों को मिले इस प्रतिनिधित्व को खासा महत्व दे रही है। विभिन्न वर्गों से शामिल मंत्रियों का विशेष सम्मान भी किया जा रहा है। इनका आयोजन पार्टी के विभिन्न मोर्चे कर रहे हैं।

भाजपा अध्यक्ष भी लेते हैं हिस्सा
इस सम्मान समारोह में भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा खुद शामिल होते हैं। वह इन सभी का सम्मान करते हैं। पार्टी के विभिन्न मोर्चे भी इन सम्मान समारोह को लेकर लोगों के बीच जा रहे हैं और उनको बता रहे हैं कि भाजपा किस तरह दलित, आदिवासी और पिछड़ों का सम्मान करती है। सरकार में तो उनको स्थान मिलता ही है, संगठन भी उनका सम्मान करने में पीछे नहीं है।

सबका साथ, सबका विकास
सूत्रों के अनुसार, पार्टी की रणनीति अगले साल शुरुआत में होने वाले यूपी समेत 5 विधानसभा चुनाव के सामाजिक समीकरण को साधना भी है। भाजपा का कहना है कि कांग्रेस की पिछली सरकारों में कभी भी विभिन्न सामाजिक वर्गों को इतना ज्यादा प्रतिनिधित्व नहीं दिया गया है, जितना मोदी सरकार में दिया जा रहा है। यह सबका साथ, सबका विकास के सिद्धांत पर सभी सामाजिक वर्गों को साथ लेकर आगे बढ़ने का सार्थक प्रयास है।

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