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चुनाव दौरान हमला करने का हिसाब किताब चुकता करेगी BJP, सरकार से बाहर किए जा सकते हैं राजभर

om prakash rajbhar

मतदान की प्रक्रिया समाप्त होने के बाद एक बार फिर से सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के अध्यक्ष मंत्री ओम प्रकाश राजभर प्रदेश की राजनीति में चर्चा में हैं। भाजपा नेतृत्व अब इनके बारे में कोई ठोस फैसला ले सकता है। माना जा रहा है कि चुनाव के दौरान मंत्री राजभर द्वारा प्रत्याशी उतारने और मंचों से भाजपा पर हमला करने का हिसाब-किताब भाजपा अब चुकता करेगी।

प्रदेश सरकार में मंत्री रहते हुए भी राजभर प्रदेश और केंद्र की भाजपा सरकार पर पिछले करीब एक साल से हमले करते आ रहे थे। चुनाव की घोषणा होने के बाद भाजपा और राजभर के बीच सीटों को लेकर सहमति नहीं बन पाई। भाजपा अपने सिंबल पर राजभर को घोसी सीट देना चाहती थी, जिसे उन्होंने नकार दिया था। इसके बाद उन्होंने प्रदेश की 39 सीटों पर अपनी पार्टी से प्रत्याशी उतार दिए। जिन सीटों से उनकी पार्टी के प्रत्याशियों के नामांकन खारिज हुए वहां पर राजभर ने कांग्रेस और सपा-बसपा गठबंधन के प्रत्याशियों को समर्थन दिया। 

छठें और सातवें चरण की सीटों पर झोंकी थी ताकत

प्रदेश में राजभर बिरादरी के बीच अपनी मजबूत पकड़ दिखाने के लिए राजभर ने पूर्वांचल और अवध की वे सीटें जहां पर छठवें और सातवें चरण में मतदान हुआ वहां पूरी ताकत झोक रखी थी। हर संसदीय क्षेत्र में कई कई सभाएं की। बिरादरी के मतों को एकजुट करने के लिए अपने समस्त कार्यकर्ताओं को लगा दिया था। राजभर को विश्वास है कि इस चुनाव में पूर्वांचल की विभिन्न सीटों से उनके सभी प्रत्याशियों को मिलाकर दस लाख से भी अधिक वोट मिल सकते हैं।

सभाओं में कई बार जुबां भी फिसली

अपनी चुनावी सभाओं में मंत्री राजभर की जुबान भी फिसली। भाजपा नेताओं के लिए असंसदीय शब्द भी कहे। घोसी में उनके द्वारा बोले गए आपत्तिजनक भाषण का वीडियो सोशल मीडिया पर लगातार वायरल होता रहा। जिसके बाद उनके पुत्र और पार्टी के राष्टीय महासचिव अरुण राजभर ने ट्वीट किया था कि घोसी में अध्यक्ष द्वारा दिए गए भाषण में उनकी मंशा किसी की भावनाओं को ठेस पहुंचाना नहीं था। .

ओमप्रकाश राजभर, अध्यक्ष सुभासपा

ओम प्रकाश राजभर की पार्टी के नेता भी मानते हैं कि अब भाजपा से दूरी और बढ़ सकती है। यह भी आशंका जता रहे हैं कि प्रदेश सरकार ओम प्रकाश राजभर को मंत्री पद से हटा सकती है। आयोगों और निगमों से भी पार्टी के नेताओं को हटाया जा सकता है। माना जा रहा है कि भाजपा नेतृत्व राजभर के मुद्दे पर 23 मई को आम चुनाव का परिणाम आने के बाद फैसला लेगा।

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  • Web Title:bjp can remove op rajbhar from government