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Hindi News देश'...तो फिर अखबार में छपवा दीजिए', बिलकिस बानो मामले में सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा

'...तो फिर अखबार में छपवा दीजिए', बिलकिस बानो मामले में सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा

बिलकिस बानो की वकील शोभा गुप्ता ने कहा कि इस अदालत से विनती है कि प्रतिवादियों को हर हफ्ते पुलिस स्टेशन में रिपोर्ट करने दें। कृपया आदेश 53 लागू किया जाए और गिरफ्तारी के वारंट जारी हों।

'...तो फिर अखबार में छपवा दीजिए', बिलकिस बानो मामले में सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा
Niteesh Kumarहिन्दुस्तान टाइम्स,नई दिल्लीTue, 09 May 2023 07:45 PM
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सुप्रीम कोर्ट ने बिलकिस बानो के साथ सामूहिक दुष्कर्म और उनके परिजनों की हत्या मामले में सुनवाई 11 जुलाई तक के लिए टाल दी। इस केस में 11 दोषियों को सजा में छूट दिए जाने के खिलाफ अदालत में याचिकाएं दायर की गई हैं। जस्टिस केएम जोसेफ, जस्टिस बीवी नागरत्ना और जस्टिस अहसानुद्दीन अमानुल्लाह की पीठ ने उन दोषियों को फिर से नोटिस जारी करने का निर्देश दिया, जिन्हें नोटिस तामील नहीं हो सका है। पीठ ने उन दोषियों के लिए गुजराती और अंग्रेजी सहित स्थानीय समाचार-पत्रों में नोटिस प्रकाशित करने का भी निर्देश दिया, जिन्हें नोटिस की जानकारी नहीं मिली है। 

कोर्ट ने कहा कि समाचार-पत्रों में प्रकाशित किए जाने वाले नोटिस में सुनवाई की अगली तारीख (11 जुलाई) का भी उल्लेख किया जाना चाहिए। पीठ ने कहा, 'हम यह प्रक्रिया इसलिए अपना रहे हैं, ताकि सुनवाई की अगली तारीख पर समय न खराब हो और सुनवाई आगे बढ़ सके।' इससे पहले जस्टिस केएम जोसेफ और बीवी नागरत्ना की बेंच के समक्ष एडवोकेट शोभा गुप्ता ने कहा कि गुजरात पुलिस ने सहयोग किया, लेकिन पुलिस की लाख कोशिशों के बावजूद नोटिस नहीं दिया जा सका। प्रतिवादी घर पर नहीं है और उनका फोन भी स्विच ऑफ है। परिजनों का कहना है कि उन्हें कुछ पता नहीं है।'

वकील ने गिरफ्तारी वारंट जारी करने की रखी मांग
बिलकिस बानो की वकील शोभा गुप्ता ने कहा कि इस अदालत से विनती है कि प्रतिवादियों को हर हफ्ते पुलिस स्टेशन में रिपोर्ट करने दें। कृपया आदेश 53 लागू किया जाए और गिरफ्तारी के वारंट जारी हों। इस पर अदालत ने कहा कि दूसरा तरीका क्या है? वह यह है कि अखबारों में इसे छपवाया जाए। गुप्ता ने इसका विरोध किया। कोर्ट ने कहा कि SC की रजिस्ट्री क्या कहती है? वह पूरी कार्यवाही को रोके हुए है। वह जागरूक है और उनके वकील दूसरे मामले में पेश हो रहे हैं। कोर्ट ने काउंसल से पूछा कि क्या आप नोटिस स्वीकार करने के लिए तैयार हैं? इस पर काउंसल ने कहा कि मेरे पास कोई निर्देश नहीं है, वो संपर्क में नहीं हैं।

नई पीठ गठित किए जाने की संभावना
सुनवाई की अगली तारीख 11 जुलाई को नई पीठ गठित किए जाने की संभावना है, क्योंकि बेंच की अध्यक्षता कर रहे जस्टिस जोसेफ 16 जून को रिटायर्ड होने वाले हैं। जस्टिस जोसेफ का अंतिम कार्यदिवस 19 मई होगा। मालूम हो कि सुप्रीम कोर्ट में 20 मई से 2 जुलाई तक ग्रीष्मावकाश होना है। इससे पहले, शीर्ष अदालत ने 2 मई को भी मामले की सुनवाई उस वक्त टाल दी थी, जब कुछ दोषियों के वकीलों ने नोटिस तामील न होने पर आपत्ति दर्ज कराई थी। गुजरात सरकार ने इस मामले के 11 दोषियों को सजा में छूट देते हुए पिछले साल 15 अगस्त को उन्हें जेल से रिहा कर दिया था। इस रिहाई पर सवाल खड़े किए जाने लगे हैं

बिलकिस बानो के साथ क्या हुआ
दोषियों की रिहाई के खिलाफ मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) की नेता सुभाषिनी अली, स्वतंत्र पत्रकार रेवती लाल, लखनऊ विश्वविद्यालय की पूर्व कुलपति रूप रेखा वर्मा और तृणमूल कांग्रेस की सांसद महुआ मोइत्रा ने याचिकाएं दायर की हैं। बिलकिस उस वक्त 21 साल की थीं और 5 माह की गर्भवती भी थीं, जब गुजरात के गोधरा कांड के बाद शुरू हुए दंगों में उनके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया गया था। साथ ही तीन साल की उनकी बेटी सहित परिवार के सात सदस्यों की हत्या कर दी गई थी।
(एजेंसी इनपुट के साथ)

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