मानदेय नहीं मिलने से पीएम आवास कर्मी आर्थिक संकट में
बिहार सरकार विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन का दावा कर रही है, लेकिन प्रधानमंत्री आवास योजना से जुड़े कर्मियों को पिछले 7-8 महीने से मानदेय नहीं मिल रहा है। इसके कारण उनके सामने गंभीर आर्थिक संकट उत्पन्न हो गया है, जिससे बच्चों की पढ़ाई और दैनिक आवश्यकताओं की पूर्ति कठिन हो गई है।

चान्दन ( बांका )। एक ओर बिहार सरकार "विकसित बिहार" के संकल्प को साकार करने के लिए विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन का दावा कर रही है, वहीं दूसरी ओर योजनाओं के धरातल पर कार्य कर रहे संविदा एवं मानदेय आधारित कर्मी लंबे समय से भुगतान नहीं मिलने के कारण आर्थिक तंगी का सामना करने को विवश हैं।
कर्मियों की समस्याएँ
प्रखंड क्षेत्र में कार्यरत प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) से जुड़े कर्मियों ने बताया कि उन्हें पिछले सात से आठ माह से मानदेय का भुगतान नहीं हुआ है, जिससे उनके समक्ष गंभीर आर्थिक संकट उत्पन्न हो गया है। कर्मियों का कहना है कि नियमित आय नहीं होने के कारण परिवार का भरण-पोषण करना कठिन हो गया है। बच्चों की पढ़ाई, घर का किराया, बिजली बिल, इलाज सहित दैनिक आवश्यकताओं की पूर्ति भी प्रभावित हो रही है। कर्मियों ने बताया कि आर्थिक परेशानी का असर योजना के क्रियान्वयन पर भी पड़ रहा है। सीमित संसाधनों में लगातार क्षेत्र भ्रमण, लाभुकों का सत्यापन, जियो टैगिंग, ऑनलाइन प्रतिवेदन और अन्य प्रशासनिक कार्य करना चुनौतीपूर्ण बन गया है। कई बार उन्हें अपने निजी खर्च से कार्यालय और क्षेत्रीय कार्यों का निर्वहन करना पड़ता है। कर्मियों का कहना है कि सरकार की महत्वाकांक्षी प्रधानमंत्री आवास योजना को समय पर धरातल पर उतारने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका है, लेकिन लंबे समय से मानदेय लंबित रहने से उनका मनोबल प्रभावित हो रहा है। उन्होंने कहा कि यदि समय पर मानदेय का भुगतान हो तो वे और अधिक उत्साह एवं जिम्मेदारी के साथ कार्य कर सकेंगे।
जिलाधिकारी से माँग
इधर, आंगनबाड़ी सेविका-सहायिकाओं सहित अन्य मानदेय आधारित कर्मियों को भी समय पर भुगतान नहीं मिलने की शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं, जिससे उनमें भी असंतोष व्याप्त है। पीएम आवास कर्मियों ने बांका के जिलाधिकारी से अविलंब हस्तक्षेप करते हुए लंबित मानदेय का शीघ्र भुगतान सुनिश्चित कराने की मांग की है। उनका कहना है कि समय पर मानदेय मिलने से न केवल उनकी आर्थिक परेशानियां दूर होंगी, बल्कि सरकार की योजनाओं के प्रभावी एवं समयबद्ध क्रियान्वयन में भी गति आएगी।


