सुपौल : प्रतिबंधित ड्यूटी के नाम पर चौकीदारों के निलंबन पर जताया आक्रोश
बिहार राज्य चौकीदार-दफादार पंचायत की बैठक सुपौल में हुई, जिसमें राज्य सचिव डॉ संत सिंह ने पुलिस प्रशासन पर चौकीदारों का शोषण करने का आरोप लगाया। उन्होंने बताया कि चौकीदारों को प्रतिबंधित ड्यूटी पर लगाने के बावजूद निलंबित किया जा रहा है। इसकी निंदा करते हुए बैठक में चौकीदारों के हितों पर चर्चा की गई।

सुपौल, कार्यालय संवाददाता। बिहार राज्य चौकीदार-दफादार पंचायत की जिला इकाई की बैठक जिला कांग्रेस कार्यालय परिसर में जिलाध्यक्ष चंदन कुमार सिंह की अध्यक्षता में हुई। बैठक में मुख्य अतिथि के रूप में संगठन के राज्य सचिव डॉ संत सिंह उपस्थित रहे। बैठक को संबोधित करते हुए राज्य सचिव ने पुलिस प्रशासन पर चौकीदार एवं दफादारों का दोहन करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सबसे आश्चर्यजनक स्थिति यह है कि सरकार द्वारा चौकीदार-दफादारों को प्रतिबंधित ड्यूटी कराने के आरोप में ही निलंबित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मालखाना का प्रभारी पुलिस पदाधिकारी होता है और मालखाना की ड्यूटी चौकीदारों के लिए प्रतिबंधित है।
इसके बावजूद प्रतापगंज थाना क्षेत्र के एक चौकीदार को जेल भेज दिया गया। वहीं, त्रिवेणीगंज थाना के एक चौकीदार को निलंबित कर दिया गया। उन्होंने कहा कि चौकीदारों से प्रतिबंधित कार्य लेने के बाद कार्रवाई भी उन्हीं के खिलाफ किया जाना गंभीर मामला है। बैठक में संगठन की विभिन्न समस्याओं और चौकीदार-दफादारों के हितों को लेकर भी चर्चा की गई। मौके पर जिला उपाध्यक्ष सुशील पासवान, जिला महासचिव जयप्रकाश सिंह, कोषाध्यक्ष पिंटू कुमार, गंगा प्रसाद पासवान सहित अन्य सदस्य मौजूद थे।


