सालोंभर काम की गारंटी के सवाल पर टीकाकर्मी संघ का प्रर्दशन
बिहार राज्य पशु स्वास्थ्य रक्षा टीकाकर्मी संघ (गोप गुट) ने अपनी मांगों के समर्थन में अनिश्चितकालीन हड़ताल की शुरुआत की है। उनका मुख्य मांग दैनिक पारिश्रमिक की जगह मानदेय का भुगतान, सालों भर काम की गारंटी और सभी कर्मियों को जीवन बीमा का लाभ देना है।

धरना दैनिक पारिश्रमिक की जगह मानदेय का भुगतान करने की उठाई आवाज राज्यव्यापी आंदोलन के तहत टीकाकर्मी अनिश्चितकालीन हडताल पर फोटो संख्या 15 कैप्शन- शुक्रवार को पशुपालन विभाग के कार्यालय में धरना पर बैठे पशु टीकाकर्मी संघ के सदस्य। बक्सर, हमारे प्रतिनिधि। सालों भर काम की गारंटी और दैनिक पारिश्रमिक की जगह मानदेय देने सहित अपनी तीन सूत्री मांगों को लेकर बिहार राज्य पशु स्वास्थ्य रक्षा टीकाकर्मी संघ (गोप गुट ) ने शुक्रवार को जिला पशुपालन कार्यालय के समक्ष रोषपूर्ण प्रर्दशन किया।
प्रदर्शन का नेतृत्व
प्रर्दशन के बाद टीका कर्मी कार्यालय के समक्ष धरना पर बैठ गए। राज्यव्यापी आह्वान के तहत जिला भर के पशु टीकाकर्मी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर है। धरना व प्रदर्शन का नेतृत्व महासंघ गोप गुट के राज्य सचिव लवकुश सिंह, महासंघ के जिलाध्यक्ष ओमप्रकाश कुमार और पशु टीकाकर्मी संघ के जिलाध्यक्ष विनोद कुमार राकेश ने संयुक्त रूप से किया।
मांगों का समर्थन
बता दें कि राज्य भर के पशु टीकाकर्मी अपनी मांगों के समर्थन में पिछले 10 जुलाई से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं। प्रदर्शन के बाद टीकाकर्मियों ने पशुपालन कार्यालय के समक्ष धरना शुरू कर दिया। धरना स्थल पर आयोजित सभा को संबोधित करते हुए राज्य सचिव लवकुश सिंह व महासंघ के जिला अध्यक्ष ओमप्रकाश कुमार ने पशु टीकाकर्मियों की सभी मांगों का पुरजोर समर्थन किया। नेताओं ने कहा कि सरकार को हठधर्मिता छोड़कर शीघ्र समझौता वार्ता करते हुये हड़ताल समाप्त कराने की दिशा में पहल करनी चाहिए। अन्यथा, बाध्य होकर महासंघ बड़े आंदोलन की शुरुआत करेगा। नेताओं ने कहा कि टीकाकर्मियों को उनका हक मिलना चाहिए। उनके साथ जो व्यवहार हो रहा है। वह मानव अधिकारों का हनन है।
मुख्य मांगें
टीकाकर्मियों की प्रमुख मांगों में मानदेय के रुप में भुगतान करने, सालों भर काम की गारंटी और सभी कर्मियों को जीवन बीमा का लाभ देना शामिल हैं। धरना के उपरांत कर्मियों ने अपनी मांगों से संबंधित एक ज्ञापन डीएम को सौंपा। प्रदर्शन में जयप्रकाश कुमार, कृष्णा सिंह, सन्नी कुमार, नागेश्वर सिंह, नागेन्द्र ठाकुर, कृष्णा कुमार, जगदम्बा पासवान, हरे राम राजभर, मो. साजीर हुसैन, रामचन्द्र रजक, मुनी सिंह, धर्मेन्द्र कुमार चंचल, रमेश राम और मोहन राय थे। (बक्सर से अजय कुमार सिंह)
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