इस बार स्नातक में नहीं होगा स्पॉट एडमिशन
बेतिया, बेतिया कार्यालय। बीआरए बिहार विश्वविद्यालय के स्नातक सत्र 2026-30 में इस बार स्पॉट

बेतिया, बेतिया कार्यालय। बीआरए बिहार विश्वविद्यालय के स्नातक सत्र 2026-30 में इस बार स्पॉट नामांकन नहीं किया जाएगा। बिहार विश्वविद्यालय और कॉलेज प्रशासन ने इस बार स्नातक के नामांकन में नई पहल की है। जिससे कि ऑन द स्पॉट नामांकन के तहत होने वाले धांधली पर लगाम लगेगी। स्पॉट नामांकन में हर साल बिचौलियो का बोलबाला देखने को मिलता था। छात्र-छात्राओं से स्पॉट नामांकन के नाम पर मोटी रकम बसूली जाती थी। कोई तरह की अनियमिताएं जिले के कॉलेज में सामने आई थी। इन सब से कॉलेज प्रशासन परेशान था। कॉलेज प्रशासन ने इसे लेकर विश्वविद्यालय में गुहार लगाई। जिसके बाद विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा भी इस बार स्पॉट नामांकन की प्रक्रिया को समाप्त करने का मन बना लिया है। एमजेके कॉलेज के प्राचार्य डॉक्टर नवल किशोर बैठा ने कहा कि इस बार स्पॉट नामांकन नहीं होगा। बिहार विश्वविद्यालय के प्राचार्य द्वारा इसे लेकर विश्वविद्यालय प्रशासन को गुहार लगाई गई थी। जिसके बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने निर्देश जारी कर दिया है। तीसरी मेरिट लिस्ट से नामांकन हो जाने के बाद सीटें अगर खाली रहती है तो चौथी मेरिट लिस्ट जारी कर दी जाए लेकिन स्पॉट नामांकन नहीं किया जाएगा। स्पॉट नामांकन के नाम पर दबाव बनाने का प्रयास किया जाता है। कई तरह के इल्जाम कॉलेज प्रशासन पर लगते हैं। इससे बेहतर है कि विश्वविद्यालय ही मेरिट लिस्ट जारी कर दे उसके आधार पर हम लोग नाम लिख लेंगे。
कोटा के तहत फर्जी नामांकन पर भी लगेगी लगाम
स्पॉट नामांकन पर रूप के बाद कोटा के तहत फर्जी नामांकन का मामला शहर के एमजेके कॉलेज और राम लखन सिंह यादव महाविद्यालय में देखने को मिला है। दोनों ही महाविद्यालय प्रशासन इस मामले में एक्शन मोड में आ गया है। एमजेके कॉलेज के प्राचार्य ने कहा कि जब तक सर्टिफिकेट की ओरिजिनल जांच नहीं होगी तब तक किसी को नामांकन नहीं किया जाएगा। महाविद्यालय के प्राध्यापको के बाद में खुद सर्टिफिकेट की जांच करेंगे। इधर नगर के राम लखन सिंह यादव कॉलेज के प्राचार्य का कहना है कि 30 से ज्यादा फर्जी नामांकन पकड़ में आए थे यह सब पर रोक लगा दी गई है। कुछ साइबर कैफे संचालकों एवं कथित छात्र नेताओं की मिलीभगत से एनसीसी, खेलकूद, प्राचार्य सहित अन्य विशेष कोटों का गलत इस्तेमाल कर मेरिट लिस्ट में स्थान हासिल किया । हालांकि नामांकन के दौरान संबंधित प्रमाणपत्र नहीं मिलने पर कॉलेज प्रशासन ने ऐसे मामलों पर रोक लगा दी है।


