प्रस्तावित विवि अधिनियम के खिलाफ एसवीपी कॉलेज में प्रदर्शन
पांच अगस्त से काला बिल्ला लगाकर शिक्षक और शिक्षकेत्तर कर्मचारी प्रस्तावित अधिनियम का कर रहे हैं विरोध आठ अगस्त तक जारी रहेगा विरोध, 10 को आरा विवि में धरना-प्रदर्शन

पांच अगस्त से काला बिल्ला लगाकर शिक्षक और शिक्षकेत्तर कर्मचारी प्रस्तावित अधिनियम का कर रहे हैं विरोध प्रदर्शन के बाद एसवीपी कॉलेज में संयुक्त संघर्ष मोर्चा की हुई बैठक
विरोध प्रदर्शन की अवधि
आठ अगस्त तक जारी रहेगा विरोध, 10 को आरा विवि में धरना-प्रदर्शन (युवा पेज रिवाइज) भभुआ, नगर संवाददाता। प्रस्तावित बिहार विश्वविद्यालय अधिनियम-2026 के खिलाफं भभुआ शहर के सरदार वल्लभ भाई पटेल कॉलेज में शिक्षक, शिक्षकेतर कर्मचारी और अतिथि शिक्षकों ने शुक्रवार को प्रदर्शन किया। वह 5 अगस्त से काला बिल्ला लगाकर कॉलेज में काम कर रहे हैं। यह विरोध प्रदर्शन 8 अगस्त तक जारी रहेगा। इस प्रदर्शन के बाद सरदार वल्लभभाई पटेल महाविद्यालय के सेमिनार हॉल में बिहार विश्वविद्यालय एवं महाविद्यालय शिक्षक और कर्मचारी संयुक्त संघर्ष मोर्चा की बैठक हुई। बैठक में इसी प्रस्ताव के खिलाफ वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय में 10 अगस्त को प्रदर्शन करने का निर्णय लिया गया। बैठक में प्रस्तावित अधिनियम के प्रावधानों पर चर्चा की गई। वक्ताओं ने अधिनियम को विश्वविद्यालयों की स्वायत्तता, लोकतांत्रिक परंपरा, अकादमिक स्वतंत्रता और शिक्षक-कर्मचारियों के अधिकारों के लिए प्रतिकूल बताया। कहा कि विश्वविद्यालय केवल प्रशासनिक संस्थान नहीं, बल्कि शिक्षा, शोध और नवाचार के केंद्र हैं। इनकी निर्णय लेने की स्वतंत्रता प्रभावित होने से उच्च शिक्षा की गुणवत्ता पर सीधा असर पड़ेगा। बैठक में सभी ने एकजुट होकर लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन को आगे बढ़ाने और 10 अगस्त के कार्यक्रम को सफल बनाने का संकल्प लिया। बैठक का संचालन एसवीपी कॉलेज शिक्षक संघ के सचिव डॉ. अजीत कुमार राय ने किया। उन्होंने कहा कि प्रस्तावित अधिनियम विश्वविद्यालयों की लोकतांत्रिक परंपरा, शैक्षणिक स्वायत्तता और संस्थागत गरिमा को प्रभावित करने वाला है। यह लड़ाई केवल शिक्षकों की नहीं, बल्कि पूरी उच्च शिक्षा व्यवस्था की रक्षा की लड़ाई है। उन्होंने सभी शिक्षकों, कर्मचारियों और अतिथि शिक्षकों से 10 अगस्त के आंदोलन में पूरी एकजुटता के साथ शामिल होने की अपील की। अधिकारों की रक्षा के लिए करेंगे आंदोलन संघ के जिला सचिव डॉ. अखिलेन्द्र नाथ तिवारी ने कहा कि विश्वविद्यालयों की स्वायत्तता किसी भी उच्च शिक्षण संस्थान की आत्मा है। निर्णय लेने की स्वतंत्रता सीमित होने पर शिक्षा, शोध और नवाचार प्रभावित होंगे। उन्होंने कहा कि उच्च शिक्षा की गरिमा और शिक्षकों के अधिकारों की रक्षा के लिए संगठन को मजबूत रखना जरूरी है। बैठक में शिक्षक संघ के संयुक्त सचिव डॉ. नियाज अहमद सिद्दीकी, डॉ. वंशीधर उपाध्याय, डॉ. सोमेश शशि, डॉ. रवीन्द्र कुमार, सत्येंद्र कुमार आदि ने भाग लिया। फोटो : 7 अगस्त भभुआ- 8 कैप्शन : प्रस्तावित बिहार विश्वविद्यालय अधिनियम-2026 के खिलाफ शुक्रवार को एसवीपी कॉलेज में काला बिल्ला लगाकर विरोध जताते प्राध्यापक व कर्मचारी।


