विश्वविद्यालय अधिनियम के विरोध में कॉलेज के कर्मियों ने काला बिल्ला लगाकर किया काम
बिहार सरकार द्वारा प्रस्तावित विश्वविद्यालय अधिनियमझ्र2026 के विरोध में एसएन सिन्हा महाविद्यालय के कर्मचारियों ने काला बिल्ला लगाकर कार्य किया। इस आंदोलन का उद्देश्य विश्वविद्यालयों की स्वायत्तता और उच्च शिक्षा की गरिमा की रक्षा करना है। कर्मियों ने अधिनियम के प्रावधानों पर पुनर्विचार की मांग की है।

जहानाबाद, कार्यालय संवाददाता। बिहार सरकार द्वारा प्रस्तावित विश्वविद्यालय अधिनियमझ्र2026 के विरोध में सत्येंद्र नारायण सिन्हा (एसएन सिन्हा) महाविद्यालय के शिक्षकों व शिक्षकेतर कर्मचारियों ने बुधवार को काला बिल्ला लगाकर कार्य किया। बिहार विश्वविद्यालय एवं महाविद्यालय शिक्षक एवं शिक्षकेतर कर्मचारी संयुक्त मोर्चा के आह्वान पर कर्मियों ने अपने नियमित दायित्वों का निर्वहन करते हुए शांतिपूर्ण विरोध दर्ज कराया।
विरोध का उद्देश्य
कर्मियों ने कहा कि प्रस्तावित अधिनियम के विभिन्न प्रावधान विश्वविद्यालयों की स्वायत्तता, उच्च शिक्षा की गरिमा और कर्मचारियों के हितों पर सीधा असर डालते हैं। इसी के विरोध में संयुक्त मोर्चा ने चरणबद्ध आंदोलन की शुरुआत की है। 5 से 8 अगस्त के बीच सभी शिक्षक व शिक्षकेतर कर्मचारी काला बिल्ला लगाकर विरोध प्रकट करेंगे। 10 अगस्त को सामूहिक अवकाश लेकर विश्वविद्यालय मुख्यालय पर धरना-प्रदर्शन और ज्ञापन सौंपा जाएगा।
आंदोलन की गतिविधियाँ
11 से 25 अगस्त के बीच प्रतिदिन अपराह्नन में 'विरोध-प्रदर्शन एवं घंटी बजाओ' अभियान चलेगा। 5 सितंबर (शिक्षक दिवस) को विद्यार्थियों व अभिभावकों के साथ विशेष संवाद कार्यक्रम का आयोजन होगा। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि यह आंदोलन शिक्षा की रक्षा और अधिकारों की सुरक्षा के लिए है। उन्होंने राज्य सरकार से अधिनियम के विवादित प्रावधानों पर पुनर्विचार करने तथा कर्मचारी संगठनों के साथ सार्थक संवाद स्थापित करने की मांग की। फोटो- 07 अगस्त जेहाना- 05 कैप्शन- विश्वविद्यालय अधिनियमझ्र 2026 के विरोध में शुक्रवार को शहर स्थित एसएन सिन्हा कॉलेज में काला बिल्ला लगाकर काम करते शिक्षक व कर्मी。


