बांका : 38 हजार शिक्षकों की बहाली जल्द, बीपीएससी को भेजा गया प्रस्ताव : शिक्षा मंत्री
बिहार में शिक्षक नियुक्ति की प्रक्रिया जल्द शुरू होने वाली है। शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने बताया कि 38,388 शिक्षकों की बहाली के लिए सभी बाधाएं दूर हो चुकी हैं। सरकार ने लंबे समय से इंतजार कर रहे अभ्यर्थियों की अपेक्षाओं को गंभीरता से लिया है। मंदार क्षेत्र में शैक्षणिक संस्थानों के विकास का भी भरोसा दिया गया।

बौंसी, निज संवाददाता। बिहार में लंबे समय से लंबित शिक्षक नियुक्ति का इंतजार अब जल्द समाप्त होने वाला है। राज्य के शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने कहा कि 38,388 शिक्षकों की बहाली की प्रक्रिया शीघ्र शुरू की जाएगी। चौथे चरण की शिक्षक नियुक्ति (टीजीटी-4) से संबंधित सभी प्रमुख बाधाओं को दूर कर लिया गया है और बहाली के लिए प्रस्ताव बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) को भेज दिया गया है।
शिक्षक नियुक्ति की प्रक्रिया
गुरुवार को बांका जिले के ऐतिहासिक मंदार स्थित भगवान मधुसूदन मंदिर में पूजा-अर्चना के बाद हिंदुस्तान से विशेष बातचीत में शिक्षा मंत्री ने कहा कि हजारों अभ्यर्थी लंबे समय से नियुक्ति का इंतजार कर रहे थे। सरकार ने उनकी अपेक्षाओं को गंभीरता से लेते हुए सभी प्रशासनिक एवं तकनीकी अड़चनों का समाधान किया है। उन्होंने बताया कि कई विद्यालयों में शिक्षकों की संख्या आवश्यकता से अधिक थी, जबकि अनेक विद्यालयों में शिक्षकों की भारी कमी थी। इसी असंतुलन को दूर करने के बाद अब नियुक्ति प्रक्रिया का रास्ता साफ हो गया है।
मंदार क्षेत्र का महत्व
शिक्षा मंत्री ने कहा कि मंदार केवल धार्मिक आस्था का केंद्र नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति और वैदिक परंपरा का भी महत्वपूर्ण स्थल है। यहां भगवान मधुसूदन मंदिर में होने वाली पूजा-पद्धति अत्यंत समृद्ध और अनुकरणीय है। इसे राष्ट्रीय ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक सनातन धर्मावलंबी को जीवन में कम-से-कम एक बार मंदार धाम के दर्शन अवश्य करने चाहिए। उन्होंने मंदार क्षेत्र में संचालित वेद विद्यालय और अन्य शैक्षणिक संस्थानों के विकास का भी भरोसा दिलाया। कहा कि सरकार वैदिक शिक्षा के संरक्षण और विस्तार के लिए सकारात्मक पहल करेगी, ताकि यह क्षेत्र शिक्षा, संस्कृति और आध्यात्मिक अध्ययन का प्रमुख केंद्र बन सके। इस अवसर पर अनुपम गर्ग, उज्ज्वल सिन्हा, मनमीत साह, अवधेश मिश्रा, पंडित नीलमणि झा, पंडित पटेल झा सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु एवं गणमान्य लोग उपस्थित थे।


