फरक्का जल संधि पर बिहार के हितों को लेकर जदयू का जनसंवाद अभियान
नई जल व्यवस्था में 2050 तक की जरूरतों को शामिल करने की मांग, इसी कड़ी में रविवार को बड़हरा के सरैया में नीतीश संवाद होगा। इसमें जदयू के कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय झा शामिल होंगे।

नई जल व्यवस्था में 2050 तक की जरूरतों को शामिल करने की मांग भोजपुर के सरैया में आज होगा नीतीश संवाद आरा, निज प्रतिनिधि। बिहार के जल अधिकार, सिंचाई, पेयजल, पर्यावरण और भविष्य की जल आवश्यकताओं को लेकर जदयू की ओर से ‘फरक्का जल संधि पर नीतीश संवाद’ अभियान चलाया जा रहा है। इसी कड़ी में रविवार को बड़हरा के सरैया में नीतीश संवाद होगा। इसमें जदयू के कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय झा शामिल होंगे।
फरakka जल संधि पर संवाद
अभियान के तहत शनिवार को आरा परिसदन में प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की गई। प्रदेश प्रवक्ता नवल किशोर शर्मा ने कहा कि फरक्का बराज और गंगा जल बंटवारे से जुड़े फैसलों में बिहार के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता मिलनी चाहिए। उन्होंने कहा कि वर्ष 1996 की गंगा जल बंटवारा संधि की अवधि दिसंबर 2026 में समाप्त हो रही है। ऐसे में नई व्यवस्था तैयार करते समय बिहार की मौजूदा जरूरतों के साथ वर्ष 2050 तक की जल आवश्यकताओं को भी ध्यान में रखना जरूरी है।
सिंचाई और पर्यावरण
उन्होंने कहा कि फरक्का और गंगा जल बंटवारे का मुद्दा केवल सिंचाई तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका सीधा संबंध किसानों, पेयजल, उद्योग, पर्यावरण और आने वाली पीढ़ियों के भविष्य से है। जदयू जनसंवाद के माध्यम से बिहार की मांग और आवाज को राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाएगा। अभियान के तहत गंगा किनारे बसे 12 जिलों में कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। भोजपुर में हाई स्कूल, सरैया में ‘फरक्का जल संधि पर नीतीश संवाद’ आयोजित होगा। इसमें राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय कुमार झा और प्रदेश अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा समेत पार्टी के नेता और कार्यकर्ता शामिल होंगे। प्रेस कॉन्फ्रेंस में पूर्व विधायक प्रभुनाथ राम, प्रदेश सचिव कन्हैया प्रसाद, अंजनी सिंह, कार्यकारी जिलाध्यक्ष भीम सिंह पटेल, मीडिया सेल जिलाध्यक्ष प्रियांशु कुशवाहा समेत कई कार्यकर्ता मौजूद रहे।


