सीसीटीएनएस बैठा, बिहार पुलिस की ऑनलाइन सेवा हुई ठप
भागलपुर, अमित चौधरी/ प्रधान संवाददाता। सीसीटीएनएस की तकनीकी खामी के कारण बिहार पुलिस की ऑनलाइन सेवाएँ ठप हैं। पिछले 15 दिनों से सीसीटीएनएस काम नहीं कर रहा, जिससे एफआईआर, अपराधियों का विवरण, और अन्य डेटा का आदान-प्रदान प्रभावित हो गया है। गृह मंत्रालय द्वारा संचालित प्रणाली को सुचारू होने में 10-15 दिन का समय लग सकता है।

हिन्दुस्तान एक्सक्लूसिव भागलपुर, अमित चौधरी/ प्रधान संवाददाता सीसीटीएनएस (क्राइम एंड क्रिमिनल ट्रैकिंग नेटवर्क एंड सिस्टम्स) में आई तकनीकी खामी की वजह से बिहार पुलिस की ऑनलाइन सभी सेवाएं ठप हो गई हैं। पिछले लगभग 15 दिनों से सीसीटीएनएस काम नहीं कर रहा। इस वजह से राज्य भर में हड़कंप है।
तकनीकी खामी का प्रभाव
बिहार पुलिस में सारे कार्य ऑनलाइन करने के बीच सीसीटीएनएस के काम नहीं करने की वजह से थाना, जिला और मुख्यालय के बीच का ऑनलाइन कनेक्शन पूरी तरह कट गया है। व्यवस्था ठप होने से पुलिस, जेल, फोरेंसिक और कोर्ट के बीच किसी भी प्रकार के डाटा का उनके बीच आदान प्रदान नहीं हो पा रहा। कोई भी डाटा या ब्योरा अपलोड नहीं हो रहा। इससे न सिर्फ पुलिस के कार्य प्रभावित हो रहे हैं बल्कि आम लोगों को मिलने वाली सुविधाएं यानी सिटीजन पोर्टल की सेवाएं भी बाधित हो गई हैं।
महत्वपूर्ण कार्यों में कमी
एफआईआर, अपराधियों का ब्योरा व कोर्ट में समर्पित दस्तावेज का मिलान नहीं सीसीटीएनएस के ठप होने से कई महत्वपूर्ण कार्य प्रभावित हुए हैं जिनमें ऑनलाइन एफआईआर अपलोड नहीं होना भी शामिल है। ऐसे में पीड़ित ऑनलाइन एफआईआर देख नहीं सकते। किस जिले में कितने एफआईआर दर्ज हुए, कितने अपराधियों की गिरफ्तारी हुई यह भी पता नहीं चल रहा। यहां तक कि पुलिस द्वारा किसी कांड को लेकर कोर्ट में समर्पित फाइनल रिपोर्ट का भी मिलान नहीं हो पा रहा है। गुम हुए लोगों और चोरी हुए वाहनों का ब्योरा अपलोड नहीं हो रहा जिससे पहचान में मुश्किल हो रही है। ऐसे में स्टेट क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो राज्य भर का समेकित डाटा तैयार नहीं कर पा रहा।
सीसीटीएनएस के मुख्य कार्य
सीसीटीएनएस के मुख्य कार्य और उद्देश्य ये हैं - घटना के एफआईआर, जांच जैसे थाना स्तर के कार्य को डिजिटल बनाना -पराधियों और आपराधिक रिकॉर्ड का राष्ट्रीय स्तर पर डेटाबेस प्रदान करना - जांच,अनुसंधान व अपराधियों का पता लगाने में पुलिस को तकनीकी सुविधा देना - नागरिकों के लिए सभी थानों की पुलिस के कार्य को सुलभ और पारदर्शी बनाना - वेब पोर्टल के माध्यम से नागरिक-केंद्रित पुलिस की कई सेवाएं प्रदान करना। - मैनुअल और अनावश्यक रिकॉर्ड दस्तावेज रखने की जरूरत को कम करना। - थानों, जिला, मुख्यालय और अन्य एजेंसियों के बीच सूचना को साझा करना।
संविधान का संचालन मुद्दे
बॉक्स डाटा सिंक होने और व्यवस्था सुचारू होने में 10-15 दिन का लग सकता है समय गृह मंत्रालय और राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो के तहत संचालित यह प्रणाली देश के सभी थानों को ऑनलाइन जोड़ती है, ताकि अपराधियों और अपराधों का राष्ट्रव्यापी डेटाबेस तैयार कर पुलिसिंग को प्रभावी और पारदर्शी बनाया जा सके। सीसीटीएनएस के ठप होने से पुलिस के सभी ऑनलाइन कार्य बंद हो गए हैं। सीसीटीएनएस के चालू होने के बाद भी व्यवस्था को सुचारू होने में 10 से 15 दिन का समय लग सकता है। सीसीटीएनएस में आई खराबी के बाद जो भी ऑनलाइन कार्य किए जा रहे हैं उन्हें सिंक करने में सर्वर को काफी समय लग सकता है। एसएसपी प्रमोद कुमार ने बताया कि सीसीटीएनएस में आई खराबी की वजह से ऑनलाइन कार्य प्रभावित हुए हैं। कर्मी ने इस बारे में बताया है। यह परेशानी जिला स्तर की नहीं है, ऊपर से ही यह समस्या उत्पन्न हुई है।
तकनीकी खराबी का समाधान
वर्जन तकनीकी खराबी होने की वजह से सीसीटीएनएस काम नहीं कर रहा है। तकनीकी समस्या को लगभग दूर कर लिया गया है। जल्दी ही यह कार्य करने लगेगा। - अजिताभ कुमार, एडीजी (एससीआरबी)
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
लेखक के बारे में
Amit Kumar Choudharyशॉर्ट बायो : अमित कुमार चौधरी पिछले 17 साल से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। पिछले 9 साल से हिन्दुस्तान से जुड़े हैं। मूल रूप से भागलपुर जिले के निवासी हैं।
परिचय एवं अनुभव : अमित कुमार चौधरी प्रिंट मीडिया में जाना-माना नाम है। पिछले 17 साल से पत्रकारिता में सक्रिय रहते हुए वर्तमान में क्राइम और लीगल बीट पर काम कर रहे हैं। इससे पहले शिक्षा, स्पोर्ट्स, ट्रैफिक, शहरी विकास और परिवहन बीट पर गहराई से खबरें कवर करने का अनुभव है।
करियर का सफर - वर्ष 2009-10 से पत्रकारिता में कार्यरत हैं। पटना, रांची, जमशेदपुर और भागलपुर में कार्य का अनुभव है। दैनिक जागरण (आई नेक्स्ट) और प्रभात खबर में कार्य करने के बाद वर्ष 2017 में हिन्दुस्तान से जुड़े हैं।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि - लखनऊ यूनिवर्सिटी से स्नातक करने के बाद मास कम्यूनिकेशन से पीजीजेएमसी का कोर्स किया।
विशेषज्ञता - क्राइम की विशेष खबरें, लीगल बीट की खबरों के साथ ही अपनी बीट पर एक्सक्लूसिव, राज्य और राष्ट्रीय स्तर की खबरें लिखते रहे हैं।
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