साइड स्टोरी- जून व जुलाई के सिपाही भर्ती परीक्षा के परीक्षार्थियों से भी लिया था आरोपियों ने पैसा
साइड स्टोरी- जून व जुलाई के सिपाही भर्ती परीक्षा के परीक्षार्थियों से भी लिया था आरोपियों ने पैसा साइड स्टोरी- जून व जुलाई के सिपाही भर्ती परीक्षा के

कटिहार। एक संवाददाता एसपी परिचय कुमार ने बताया कि गिरफ्तार दोनों आरोपियों से हुई पूछताछ में यह पाया गया कि 14 जून,17 जून हुई मद्य निषेध सिपाही भर्तीँ परीक्षा और 12 जुलाई हुई बिहार पुलिस सिपाही भर्ती परीक्षा के परीक्षार्थियों का एडमिड कार्ड और उनका मैट्रिक और इंटर के मूल प्रमाण पत्र बरामद किया गया। अनुसंधान के पहली नजर में पाया गया गिरफ्तार दोनों आरोपी व अन्य फरार आरोपियों द्वारा इस बार की सिपाही भर्ती परीक्षा में शामिल परीक्षार्थियों से पैसा लिया था। मगर परीक्षार्थियों को मदद पहुंचाया या नहीं अभी यह अनुसंधान का विषय है।
ब्लैंक चेक लेकर ही करते थे सेटिंग
एसपी ने बताया कि गिरोह के सदस्यों का काम परीक्षा में सेटिंग करना है। मद्य निषेध सिपाही और सिपाही परीक्षा में शामिल परीक्षार्थियों से ब्लैंक चेक लेते हैं। सिक्योरिटी के रूप में ओरिजनल मार्क्सशीट लेते हैं। साथ ही एक स्टांप पेपर में यह लिखवा लेते हैं कि मेरी भर्ती फर्जी तरीके से हुई है। इसका मतलब यह था कि परीक्षार्थियों द्वारा पैसा नहीं देने पर आयोग को परीक्षार्थी के हस्ताक्षर वाला स्टांप पेपर भेज दिया जायेगा। ऐसा करके अभ्यर्थियों पर दबाव बनाया जाता था।
परीक्षार्थियों से 10 लाख रुपये तक की करते थे वसूली
जांच में यह भी सामने आया है कि गिरोह पहले छह लाख रुपये लेता था और परीक्षा में सफल कराने के नाम पर बाद में चार लाख रुपये और वसूलता था। यानी प्रति अभ्यर्थी लगभग 10 लाख रुपये तक लेने की बात सामने आई है। गिरफ्तार आरोपी गिरोह की मदद करने के एवज में 50 हजार से एक लाख रुपये तक प्राप्त करते थे। पूछताछ में आरोपियों ने पुलिस को बताया कि परीक्षार्थियों से कहा जाता था कि वे 100 प्रश्नों में केवल 25 प्रश्न ही हल करें और बाकी प्रश्न छोड़ दें।
रात में वाहन जांच के दौरान पकड़ाए आरोपी
एसपी ने बताया कि 18 जुलाई की रात करीब एक बजे कुरसेला थाना पुलिस बल्थी महेशपुर के समीप वाहन जांच अभियान चला रही थी। इसी दौरान बाइक पर सवार दो युवक पुलिस को देखकर भागने लगे। संदेह होने पर पुलिस ने पीछा कर दोनों को पकड़ लिया। तलाशी के दौरान उनके बैग से कई संदिग्ध दस्तावेज मिलने पर पूछताछ शुरू की गई। एसपी ने बताया कि पूछताछ में गिरफ्तार आरोपियों ने बताया कि वे लोग एक गिरोह का हिस्सा हैं।


