डिजिटल प्लेटफॉर्म, ऑनलाइन पोर्टल तथा तकनीकी प्रणालियों से अवगत हुए पुलिसकर्मी
सूचना प्रौद्योगिकी आधारित सेवाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के उद्देश्य से शुक्रवार को एनआईसी कार्यालय में प्रशिक्षण दिया गया

बेगूसराय, हमारे प्रतिनिधि। बिहार पुलिस द्वारा आधुनिक एवं तकनीक-सक्षम पुलिसिंग को सुदृढ़ बनाने तथा सूचना प्रौद्योगिकी आधारित सेवाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के उद्देश्य से एनआईसी कार्यालय में प्रशिक्षण दिया गया। इसका उद्देश्य पुलिस अधिकारियों एवं कर्मियों को विभिन्न डिजिटल प्लेटफॉर्म, ऑनलाइन पोर्टलों तथा तकनीकी प्रणालियों की जानकारी व उनके प्रभावी उपयोग के लिए प्रशिक्षित करना था। ताकि आम नागरिकों को त्वरित, पारदर्शी एवं गुणवत्तापूर्ण सेवाएं प्रदान की जा सकें।
प्रशिक्षण का उद्देश्य
विशेषज्ञों के द्वारा विभिन्न सूचना प्रौद्योगिकी आधारित मॉड्यूल्स पर विस्तृत एवं व्यावहारिक जानकारी दी गई। प्रतिभागियों को संबंधित पोर्टलों की कार्यप्रणाली, उपयोगिता, संचालन प्रक्रिया तथा पुलिस कार्यों एवं नागरिक सेवाओं में उनकी भूमिका से अवगत कराया गया। साथ ही शिकायतों के त्वरित निष्पादन, अनुसंधान की गुणवत्ता में सुधार, अपराध नियंत्रण, पारदर्शिता एवं कार्यकुशलता बढ़ाने के उपायों पर भी विस्तार से चर्चा की गई।
प्रशिक्षण कार्यक्रम का विवरण
अधिकारियों ने कहा कि सूचना प्रौद्योगिकी आधारित पुलिसिंग सुशासन एवं प्रभावी कानून-व्यवस्था के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम पुलिस बल की तकनीकी दक्षता बढ़ाने के साथ-साथ नागरिकों को अधिक पारदर्शी, त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण सेवाएं उपलब्ध कराने में सहायक सिद्ध होते हैं। कार्यक्रम में एसएसएस पोर्टल, सहयोग पोर्टल, सीईआईआर पोर्टल, समन्वय पोर्टल, आईसीजेएस (अंतर-संचालनीय आपराधिक न्याय प्रणाली), सीसीटीएनएस (अपराध एवं अपराधी ट्रैकिंग नेटवर्क एवं सिस्टम), ई-साक्ष्य, ई-समन, साइबर पुलिस पोर्टल, जीआरएम पोर्टल तथा एमआरएम पोर्टल सहित विभिन्न महत्वपूर्ण डिजिटल प्रणालियों एवं पोर्टलों की जानकारी दी गई। प्रशिक्षुओं को इन प्लेटफॉर्मों के माध्यम से शिकायत निस्तारण, अनुसंधान प्रक्रिया के डिजिटलीकरण, साइबर अपराध नियंत्रण, मोबाइल फोन की ट्रैकिंग एवं रिकवरी, न्यायिक समन्वय तथा नागरिकों को उपलब्ध ऑनलाइन सेवाओं के संबंध में व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया गया।
प्रशिक्षण में शामिल विशेषज्ञ
कार्यक्रम में एनआईसी इंजीनियर राजीव कुमार, सीसीटीएनएस नोडल सुबोध पंडित, पुलिस अवर निरीक्षक राहुल प्रोग्रामर विवेक एवं लखन ने प्रशिक्षक के रूप में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। रिपोर्टर:प्रवीण कुमार


