पीएचडी धारकों और शोधार्थियों का आंदोलन जारी
बिहार के ऑल पीएचडी होल्डर्स एंड रिसर्च स्कालर्स एसोसिएशन का आंदोलन 19वें दिन भी जारी है। कुमुद पटेल आमरण अनशन पर हैं, जबकि उनकी स्वास्थ्य स्थिति बिगड़ रही है। उन्होंने कहा कि सरकार उनकी मांगें अनदेखी कर रही है, जिसमें यूजीसी रेगुलेशन लागू करने और डोमिसाइल नीति शामिल हैं।

अपनी मांगों को लेकर ऑल पीएचडी होल्डर्स एंड रिसर्च स्कालर्स एसोसिएशन ऑफ बिहार का 19वें दिन रविवार को भी गर्दनीबाग में आंदोलन जारी रहा। कुमुद पटेल लगातार आमरण अनशन पर डटे हुए हैं। लंबे समय से जारी अनशन के कारण उनकी स्वास्थ्य स्थिति दिन-प्रतिदिन बिगड़ती जा रही है। इसके बावजूद उन्होंने युवाओं, शोधार्थियों और अभ्यर्थियों के भविष्य से जुड़े मुद्दों को लेकर आंदोलन जारी रखने का संकल्प दोहराया। कुमुद पटेल ने सरकार पर आंदोलन की मांगों की लगातार अनदेखी करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि शोधार्थियों और युवाओं की न्यायोचित मांगों को लंबे समय से उठाया जा रहा है, लेकिन सरकार की ओर से अब तक ठोस पहल नहीं हुई है।उन्होंने
कहा कि युवाओं में सरकार की नीतियों को लेकर व्यापक आक्रोश है। इनकी प्रमुख मांगों में सहायक प्राध्यापक बहाली में यूजीसी रेगुलेशन 2018 के टेबल थ्री 3ए को लागू करने, अभ्यर्थियों की अधिकतम आयु सीमा 55 वर्ष करने, बिहार में प्रभावी डोमिसाइल नीति लागू करना शामिल है। इधर, विभिन्न विश्वविद्यालयों से पीएचडीधारी आंदोलनकारियों ने कहा कि उनकी मांगें किसी व्यक्ति विशेष के हित से जुड़ी नहीं हैं, बल्कि बिहार की उच्च शिक्षा व्यवस्था, विवि में नियुक्ति प्रक्रिया और हजारों युवाओं के भविष्य से संबंधित हैं।


