जहानाबाद के पैक्सों का एसएफसी पर 55 करोड़ रुपये बकाया
विधायक सह प्राक्कलन समिति के सदस्य ने भुगतान के लिए मुख्यमंत्री से किया अनुरोध , जहानाबाद जिले के पैक्सों का राज्य खाद्य निगम के पास धान खरीद के बाद करीब 55 करोड़ रुपये बकाया रहने का मामला सामने आया...

विधायक सह प्राक्कलन समिति के सदस्य ने भुगतान के लिए मुख्यमंत्री से किया अनुरोध राशि भुगतान में देरी से पैक्सों के सामने गंभीर वित्तीय संकट हो सकता है उत्पन्न जहानाबाद, नगर संवाददाता। जहानाबाद जिले के पैक्सों का राज्य खाद्य निगम के पास धान खरीद के बाद करीब 55 करोड़ रुपये बकाया रहने का मामला सामने आया है।
पैक्सों की वित्तीय स्थिति
भुगतान में देरी से पैक्सों के सामने गंभीर वित्तीय संकट उत्पन्न होने की बात कही गई है। इस संबंध में बिहार विधानसभा के सदस्य एवं प्राक्कलन समिति के सदस्य राहुल कुमार ने मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर तत्काल कार्रवाई की मांग की है। मुख्यमंत्री को भेजे पत्र में कहा गया है कि पैक्सों द्वारा किसानों से धान की खरीद कर उसकी मिलिंग के बाद सीएमआर राज्य खाद्य निगम को उपलब्ध कराया जाता है। इसके बावजूद एसएफसी द्वारा समय पर भुगतान नहीं किए जाने से पैक्स आर्थिक संकट में फंसते जा रहे हैं।
बकाया राशि की जानकारी
जहानाबाद की स्थिति को विशेष रूप से चिंताजनक बताते हुए कहा गया है कि धान जमा करने के करीब चार महीने बाद भी पैक्सों का लगभग 55 करोड़ रुपये एसएफसी के पास बकाया है। पत्र में कहा गया है कि समस्या केवल जहानाबाद तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे बिहार में इसका गंभीर प्रभाव पड़ रहा है। एसएफसी पैक्सों को कम ब्याज दर पर राशि देता है, जबकि पैक्सों को अपनी कार्यशील पूंजी बैंकों से अपेक्षाकृत अधिक ब्याज दर पर लेनी पड़ती है।
मुख्यमंत्री से की गई मांगें
भुगतान में देरी होने पर बैंक ब्याज का बोझ लगातार बढ़ता जाता है और पैक्सों की कार्यशील पूंजी ब्याज चुकाने में ही समाप्त होने लगती है। विधायक ने मुख्यमंत्री से बिहार के सभी पैक्सों की एसएफसी के पास लंबित पूरी बकाया राशि का तत्काल भुगतान, एसएफसी और बैंकों की ब्याज दरों के अंतर को कम करने के लिए उचित नीतिगत हस्तक्षेप तथा भविष्य में भुगतान के लिए निश्चित समय-सीमा तय करने की मांग की है। साथ ही विलंबित भुगतान के कारण पैक्सों को हुई ब्याज हानि की क्षतिपूर्ति एसएफसी से कराने का भी अनुरोध किया गया है। उन्होंने कहा है कि समय पर भुगतान नहीं होने से पैक्स लगातार आर्थिक रूप से कमजोर हो रहे हैं और भविष्य में धान अधिप्राप्ति के कार्य में भाग लेने में भी असमर्थ हो सकते हैं।
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फोटो- 09 सितम्बर जेहाना- 05 कैप्शन- रतनी प्रखंड के कसई स्थित पैक्स गोदाम भवन।


