फरक्का संधि पर समझौता बर्दाश्त नहीं
दरभंगा में जदयू प्रमुख राजेश मंडल ने फरक्का जल संधि को बिहार के हित में गंभीर विषय बताया। उन्होंने कहा कि बिहार के जल जरूरतों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जानी चाहिए। संजय झा और उमेश कुशवाहा की अगुवाई में 'नीतीश संवाद' अभियान से जनजागरूकता बढ़ाने की कोशिश की जा रही है।

दरभंगा। जदयू जिला मुख्यालय में शुक्रवार को आयोजित प्रेस वार्ता में जिलाध्यक्ष सह दरभंगा ग्रामीण विधायक राजेश मंडल उर्फ ईश्वर मंडल ने फरक्का जल संधि को बिहार के व्यापक हितों से जुड़ा गंभीर विषय बताया। उन्होंने कहा कि बिहार के हक और बिहारवासियों के भविष्य की कीमत पर किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि फरक्का जल संधि के नवीनीकरण से पहले बिहार की जल आवश्यकताओं, किसानों की सिंचाई, पेयजल, उद्योग तथा भविष्य की पीढ़ियों की जरूरतों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जानी चाहिए। जदयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष सह राज्यसभा सांसद संजय कुमार झा व प्रदेश अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा के नेतृत्व में चलाया जा रहा ‘फरक्का जल संधि पर नीतीश संवाद’ अभियान इस महत्वपूर्ण विषय पर जनजागरूकता पैदा करने का सराहनीय प्रयास है।
जदयू का प्रयास है कि गंगा से जुड़े बिहार के सवाल राष्ट्रीय विमर्श का हिस्सा बनें और फरक्का जल संधि पर बिहार के हित में पुनर्विचार हो। बेनीपुर विधायक डॉ. विनय चौधरी ने कहा कि 1996 में भारत और बांग्लादेश के बीच हुई फरक्का जल संधि बिहार के हित में नहीं है। बिहार की वर्ष 2050 तक की जल जरूरतों को ध्यान में रखकर ही कोई निर्णय लिया जाना चाहिए। जदयू नेता सुदर्शन झा, महानगर अध्यक्ष माधव झा, सुनील ठाकुर, कन्हैया शाह, प्रदीप महतो, अमन कुमार राय, मो. जमशेद, भोला पासवान, मुकेश कुमार सिंह आदि ने भी विचार रखे।


