जिले में शुरू हुआ जांच एवं उपचार चिकित्सा आपके द्वार’ अभियान

हिन्दुस्तान, किशनगंज
Follow us on Google News
share

जिले में शुरू हुआ जांच एवं उपचार चिकित्सा आपके द्वार’ अभियान जिले में शुरू हुआ जांच एवं उपचार चिकित्सा आपके द्वार’ अभियान

जिले में शुरू हुआ जांच एवं उपचार चिकित्सा आपके द्वार’ अभियान

किशनगंज,निज संवाददाता। कई गंभीर बीमारियां शरीर में चुपचाप अपना असर बढ़ाती रहती हैं। जब उनके लक्षण सामने आते हैं, तब तक उपचार की चुनौती बढ़ चुकी होती है। उच्च रक्तचाप और मधुमेह से लेकर कैंसर, हृदय रोग, सीओपीडी और गैर-अल्कोहलिक फैटी लिवर डिजीज तक, गैर-संचारी रोगों का बढ़ता बोझ स्वास्थ्य व्यवस्था के सामने ऐसी चुनौती है, जिसका जवाब केवल अस्पतालों में इलाज बढ़ाकर नहीं दिया जा सकता। इसके लिए बीमारी को अस्पताल पहुंचने से पहले पहचानना होगा। इसी सोच के साथ बिहार में ‘जांच एवं उपचार चिकित्सा आपके द्वार’ अभियान की शुरुआत हुई। बुधवार को मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अभियान का राज्यव्यापी शुभारंभ किया। किशनगंज में इसका विधिवत उद्घाटन जिलापदाधिकारी नवीन कुमार ने फीता काटकर किया। जिले में यह अभियान एक सितंबर से 30 नवंबर 2026 तक चलाया जाएगा। उद्घाटन कार्यक्रम में जिला उप विकास आयुक्त, नगर परिषद अध्यक्ष इंद्रदेव पासवान, सिविल सर्जन डॉ. राज कुमार चौधरी, जिला गैर-संचारी रोग पदाधिकारी डॉ. उर्मिला कुमारी, जिला कार्यक्रम प्रबंधक सहित स्वास्थ्य विभाग के पदाधिकारी एवं कर्मी मौजूद रहे。

अस्पताल-केंद्रित व्यवस्था से समुदाय-केंद्रित स्वास्थ्य सेवा की ओर

अभियान का मूल उद्देश्य स्वास्थ्य सेवाओं को केवल अस्पताल आने वाले लोगों तक सीमित रखने के बजाय समुदाय और परिवारों तक पहुंचाना है। इसके तहत आशा कार्यकर्ता घर-घर जाकर लोगों की स्वास्थ्य संबंधी जानकारी जुटाएंगी और विशेष रूप से 30 वर्ष एवं उससे अधिक आयु के लोगों में गैर-संचारी रोगों के जोखिम की पहचान करेंगी। उच्च जोखिम वाले लोगों को आगे की जांच और उपचार के लिए स्वास्थ्य संस्थानों से जोड़ा जाएगा। जरूरत के अनुसार रक्तचाप, रक्त शर्करा सहित विभिन्न जांचों की व्यवस्था की जाएगी। स्वास्थ्य संस्थानों पर चिकित्सकीय परामर्श, दवा और आवश्यकतानुसार विशेषज्ञ सेवाओं से जोड़ने की प्रक्रिया भी अभियान का हिस्सा होगी। इसका महत्व इसलिए भी अधिक है क्योंकि उच्च रक्तचाप और मधुमेह जैसे रोगों में शुरुआती चरण में अक्सर कोई स्पष्ट लक्षण नहीं दिखते। नियमित जांच से इनकी पहचान होने पर समय रहते जीवनशैली में बदलाव, दवा और चिकित्सकीय निगरानी शुरू की जा सकती है।

बीमारी को गंभीर होने से पहले पहचानना जरूरी : डीएम

जिलापदाधिकारी नवीन कुमार ने कहा कि गैर-संचारी रोगों के खिलाफ सबसे प्रभावी रणनीति बीमारी को गंभीर होने से पहले पहचानना है। उन्होंने कहा कि लोगों को यह समझना होगा कि स्वस्थ महसूस करना हमेशा बीमारी से मुक्त होने का प्रमाण नहीं है। नियमित जांच के माध्यम से कई जोखिमों की समय रहते पहचान की जा सकती है। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों और कर्मियों से घर-घर स्क्रीनिंग को केवल आंकड़ों तक सीमित नहीं रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि जिस व्यक्ति में बीमारी या उसका जोखिम सामने आता है, उसे जांच के बाद उपचार और नियमित फॉलोअप से जोड़ना अभियान की वास्तविक सफलता होगी। जिलापदाधिकारी ने जिलेवासियों से अपील करते हुए कहा कि स्वास्थ्यकर्मी जब उनके घर पहुंचें तो वे जांच में सहयोग करें और अपनी उम्र एवं स्वास्थ्य स्थिति के अनुरूप आवश्यक जांच अवश्य कराएं। उन्होंने लोगों से बीमारी के लक्षणों का इंतजार करने के बजाय समय-समय पर स्वास्थ्य जांच को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाने का आग्रह किया।

घर तक पहुंच रही व्यवस्था का लाभ उठाएं’: नगर परिषद अध्यक्ष :

नगर परिषद अध्यक्ष इंद्रदेव पासवान ने कहा कि स्वास्थ्य केवल अस्पतालों की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि पूरे समुदाय की साझा जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा घर के करीब जांच और उपचार की व्यवस्था उपलब्ध कराना लोगों के लिए महत्वपूर्ण अवसर है।

पहचान के बाद उपचार और फॉलोअप पर भी रहेगा जोर :

सिविल सर्जन डॉ. राज कुमार चौधरी ने कहा कि अभियान को केवल स्क्रीनिंग अभियान के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। इसका वास्तविक उद्देश्य पहचान से आगे बढ़कर मरीज को उपचार की निरंतर प्रक्रिया से जोड़ना है।उन्होंने बताया कि घर-घर स्क्रीनिंग के दौरान चिन्हित लोगों की लाइन लिस्ट तैयार की जाएगी। आवश्यकता के अनुसार उन्हें स्वास्थ्य एवं आरोग्य केंद्र, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और जिला अस्पताल से जोड़ा जाएगा। गंभीर मामलों को उच्चतर स्वास्थ्य संस्थानों में रेफर किया जाएगा।

कैंसर स्क्रीनिंग से लेकर मधुमेह और उच्च रक्तचाप तक निगरानी :

अभियान के तहत उच्च रक्तचाप और मधुमेह के साथ मुंह, स्तन एवं गर्भाशय ग्रीवा के कैंसर की स्क्रीनिंग पर भी ध्यान दिया जाएगा। इसके अलावा हृदय रोग, सीओपीडी और गैर-अल्कोहलिक फैटी लिवर डिजीज जैसे रोगों के जोखिम वाले लोगों की पहचान की जाएगी। जरूरत के अनुसार स्वास्थ्य संस्थानों पर सीबीसी, ब्लड शुगर, एचबीए1सी, लिपिड प्रोफाइल, लिवर एवं किडनी फंक्शन टेस्ट, ईसीजी, पैप स्मीयर तथा अन्य जांचों की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। विशेषज्ञ चिकित्सकीय सलाह की आवश्यकता वाले मामलों में टेली-कंसल्टेशन और उच्चतर स्वास्थ्य संस्थानों से संपर्क की व्यवस्था भी की जाएगी।

आंकड़ों से आगे, स्वास्थ्य व्यवहार में बदलाव की चुनौती :

एनसीडीओ डॉ. उर्मिला कुमारी ने बताया की अभियान की सबसे बड़ी परीक्षा केवल यह नहीं होगी कि कितने लोगों की स्क्रीनिंग हुई, बल्कि यह होगी कि कितने जोखिमग्रस्त लोगों की बीमारी समय रहते पहचानी गई और उनमें से कितने उपचार एवं नियमित फॉलोअप तक पहुंच पाए। नियमित जांच, संतुलित आहार, शारीरिक गतिविधि, तंबाकू एवं अन्य जोखिम कारकों से दूरी और चिकित्सकीय सलाह का पालन-ये सभी लंबे समय में गैर-संचारी रोगों के बोझ को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

बीमारी के दरवाजे तक पहुंचने से पहले स्वास्थ्य सेवा :

सिविल सर्जन डॉ राज कुमार चौधरी ने कहा की जांच एवं उपचार चिकित्सा आपके द्वार अभियान का संदेश मूलत: यही है कि स्वास्थ्य व्यवस्था का इंतजार मरीज न करे, स्वास्थ्य व्यवस्था मरीज तक पहुंचे। घर-घर स्क्रीनिंग के माध्यम से उन लोगों तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है, जो बीमारी के लक्षण न होने के कारण कभी जांच नहीं कराते। जिले में अभियान की शुरुआत के साथ अब चुनौती घर-घर पहुंचने, जोखिम की पहचान करने और हर चिन्हित व्यक्ति को उपचार की निरंतर कड़ी से जोड़ने की है।

जनता के प्रश्न

✦बिहार में 'जांच एवं उपचार चिकित्सा आपके द्वार' अभियान कब शुरू हुआ?−
यह अभियान एक सितंबर 2026 से 30 नवंबर 2026 तक चलाया जाएगा।
Hindustan | Bureau

लेखक के बारे में

Hindustan | Bureau

हिन्दुस्तान भारत का एक प्रतिष्ठित हिंदी समाचार-पत्र है, जिसकी स्थापना 1936 में महामना पंडित मदन मोहन मालवीय ने की थी। स्वतंत्रता आंदोलन की विरासत को समेटे यह प्रकाशन आज भारत के सर्वाधिक पढ़े जाने वाले हिंदी समाचार-पत्रों में दूसरे स्थान पर है। WAN-IFRA के अनुसार, 2016 में 'हिन्दुस्तान' विश्व के शीर्ष 13 सर्वाधिक प्रसारित अखबारों में शामिल था। हर रोज 5 राज्‍यों सह‍ित देश की राजधानी द‍िल्‍ली और एनसीआर (नोएडा, गाज‍ियाबाद, गुरुग्राम) में 23 संस्‍करण प्रकाश‍ित होते हैं। ‘पाठक सर्वोपर‍ि’ हिन्दुस्तान की संपादकीय नीति है। समय पर, शोध और गहन खोजबीन के बाद व‍िस्‍तार से न्‍यूज र‍िपोर्ट प्रकाश‍ित की जाती है। हर खबर में सभी पक्षों और दृष्टिकोणों को संतुलित रूप से पेश किया जाता है।

और पढ़ें
Hindi News , इंडिया न्यूज़ , आज का मौसम , विधानसभा चुनाव और Sawan 2026 से जुड़ी ताज़ा खबरों व पल-पल के अपडेट के लिए लाइव हिन्दुस्तान के साथ जुड़े रहें। UP Chunav 2027 , UP Vidhan Sabha Seats और UP Vidhan Sabha Candisates से जुड़ी सभी महत्वपूर्ण खबरें और जानकारी यहां पढ़ें। सभी बड़ी खबरें सबसे पहले पाने के लिए लाइव हिन्दुस्तान ऐप अभी डाउनलोड करें।
Hindi NewsIndia Newsजिले में शुरू हुआ जांच एवं उपचार चिकित्सा आपके द्वार’ अभियान