संविदा पर कार्यरत आईटी कर्मियों को राज्यकर्मी का दर्जा देने की मांग तेज
बिहार में संविदा पर कार्यरत आईटी एवं कंप्यूटर कर्मियों ने राज्यकर्मी का दर्जा देने की मांग को लेकर आंदोलन तेज करने की तैयारी शुरू कर दी है। संगठनों के शीर्ष पदाधिकारियों की बैठक में संयुक्त मोर्चा का गठन किया गया। इस मोर्चे के माध्यम से सरकार से बिना शर्त राज्यकर्मी का दर्जा देने की मांग की जाएगी।

(पंचदेवर से निराला ओझा की रिपोर्ट) बिहार में विभिन्न विभागों में संविदा के आधार पर कार्यरत आईटी एवं कंप्यूटर कर्मियों को राज्यकर्मी का दर्जा देने की मांग को लेकर आंदोलन तेज करने की तैयारी शुरू हो गई है। इसको लेकर विभिन्न आईटी एवं कंप्यूटर कर्मी संगठनों के शीर्ष पदाधिकारियों की बैठक में संयुक्त मोर्चा का गठन किया गया।
संयुक्त मोर्चा का गठन
बैठक में पिछले दो दशक से संविदा के नाम पर आईटी कर्मियों के कथित शोषण के खिलाफ एकजुट होकर आवाज उठाने का निर्णय लिया गया। गोपालगंज जिला अध्यक्ष राकेश मिश्रा ने बताया कि बैठक में सभी संगठनों ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया कि राज्य के विभिन्न विभागों में कार्यरत आईटी कर्मियों को उनके वर्तमान पद, वरीयता और कार्यानुभव के आधार पर राज्यकर्मी का दर्जा दिया जाना चाहिए।
लोगों की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी
उन्होंने कहा कि कर्मी लंबे समय से सरकार के विभिन्न विभागों में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभा रहे हैं, लेकिन उन्हें अब तक संविदा कर्मी के रूप में ही रखा गया है। उन्होंने कहा कि बीपीएसएमएस, बेल्ट्रॉन, एसडब्ल्यूओएमपी समेत विभिन्न माध्यमों से नियोजित आईटी एवं कंप्यूटर कर्मियों को एक मंच पर लाकर संयुक्त मोर्चा बनाया गया है। इसका विस्तार अब राज्य मुख्यालय से लेकर जिला मुख्यालय तक किया जाएगा, ताकि मांग को मजबूती के साथ सरकार के सामने रखा जा सके।
संघर्ष जारी रहेगा
राकेश मिश्रा ने कहा कि संयुक्त मोर्चा के माध्यम से सरकार से बिना किसी शर्त के राज्यकर्मी का दर्जा देने की मांग की जाएगी। इसके लिए सभी संगठनों के शीर्ष नेतृत्व एकजुट होकर सरकार के समक्ष अपनी मांग रखेंगे। उन्होंने कहा कि अलग-अलग वर्गों में बांटकर कर्मियों के साथ हो रहे शोषण को अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। बैठक में संयुक्त फोरम की अगली बैठक 27 सितंबर को आयोजित करने का निर्णय लिया गया। पदाधिकारियों ने कहा कि राज्यकर्मी का दर्जा मिलने तक संयुक्त रूप से संघर्ष जारी रहेगा।


