अब आम लोग भी बन सकेंगे ई-निबंधन सेवा प्रदाता
बेतिया। बिहार में पेपरलेस निबंधन व्यवस्था लागू होने के बाद अब आम व्यक्ति भी सेवा प्रदाता के रूप में कार्य कर सकेंगे। निबंधन महानिरीक्षक ने आवेदन आमंत्रित करने का निर्देश दिया है। 5000 से अधिक लाइसेंसधारी दस्तावेज नवीसों और स्टांप विक्रेताओं को सेवा प्रदाता का लाइसेंस दिया जा रहा है, जिससे रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।

बेतिया। बिहार में पेपरलेस निबंधन व्यवस्था लागू होने के बाद अब अर्हता पूरी करने वाले आम व्यक्ति भी सेवा प्रदाता के रूप में कार्य कर सकेंगे।
निबंधन महानिरीक्षक का निर्देश
निबंधन महानिरीक्षक कृष्ण चन्द्र गुप्ता ने सभी समाहत्र्ता-सह-जिला निबंधकों को पत्र भेजकर नियमावली के तहत योग्य इच्छुक व्यक्तियों से आवेदन आमंत्रित करने का निर्देश दिया है। विभाग का मानना है कि राज्य के सभी निबंधन कार्यालयों में 17 अगस्त से पेपरलेस निबंधन प्रणाली पूर्णत: लागू की जा चुकी है। आम लोगों को निबंधन से संबंधित कार्यों में सुगम और त्वरित सहयोग उपलब्ध कराने के लिए बिहार स्टाम्प (सेवा प्रदाता अनुज्ञप्ति एवं ई-स्टाम्प की आपूर्ति) नियमावली, 2026 के तहत सेवा प्रदाताओं को लाइसेंस देने का प्रावधान किया गया है। इससे लोगों को सुविधा होगी।
दस्तावेज नवीस व स्टांप विक्रेताओं को मिला लाइसेंस
निबंधन महानिरीक्षक ने बताया कि बिहार दस्तावेज लेखक अनुज्ञप्ति नियमावली, 1996 के तहत निर्धारित योग्यता और परीक्षा उत्तीर्ण करने वाले दस्तावेज लेखकों को जिला निबंधक द्वारा लाइसेंस दिया गया है। वर्तमान नियमावली के तहत पहले से लाइसेंसधारी दस्तावेज नवीस और मुद्रांक विक्रेताओं को निर्धारित अर्हता से छूट देते हुए सेवा प्रदाता का लाइसेंस दिया जा रहा है। राज्य में ऐसे 5000 से अधिक लाइसेंसधारी दस्तावेज नवीस और स्टांप विक्रेता हैं। जिनमें से अब तक करीब 4500 को सेवा प्रदाता का लाइसेंस दिया जा चुका है। पश्चिम चंपारण जिले में लगभग 170 को अनुज्ञप्ति मिल चुकी है। पत्र में कहा गया है कि ई-निबंधन की संख्या में लगातार वृद्धि हो रही है। ऐसे में आम जनता को समय पर और त्वरित सेवा उपलब्ध कराने के लिए नियमावली के नियम-4(2) में निर्धारित अर्हता पूरी करने वाले अन्य इच्छुक व्यक्तियों को भी सेवा प्रदाता के रूप में लाइसेंस दिया जाना जरूरी है।
आवेदन प्रक्रिया और रोजगार के अवसर
निबंधन महानिरीक्षक ने जिला निबंधकों को अपने-अपने जिले की स्थानीय आवश्यकता की समीक्षा कर अर्हता पूरी करने वाले आम लोगों से आवेदन आमंत्रित करने के लिए अपने स्तर से तिथि निर्धारित करने को कहा है। निर्धारित अवधि में प्राप्त आवेदनों की जांच के बाद नियमानुसार योग्य आवेदकों को सेवा प्रदाता का लाइसेंस देने की कार्रवाई की जाएगी। इससे जमीन रजिस्ट्री से जुड़े बेरोजगार युवकों को रोजगार का अवसर प्रदान होगा। विभागीय सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार जिले में 50 से ज्यादा ऐसे युवक हैं जिनके पास अनुज्ञप्ति नहीं है। लेकिन कार्य का अनुभव है। नये लोगों को अवसर मिलने से निबंधन में तेजी आएगी।


