पेपरलेस निबंधन को लेकर दस्तावेज लेखकों और प्रशिक्षुओं की बैठक
बिहार सरकार ने राज्य के सभी 141 निबंधन कार्यालयों में पेपरलेस निबंधन प्रणाली लागू कर दी है। इस नए तरीके से जमीन की रजिस्ट्री प्रक्रिया को अधिक सुरक्षित और पारदर्शी बनाया गया है। खरीदार को क्यूआर कोडयुक्त दस्तावेज प्राप्त होंगे, जिससे जालसाजी और दस्तावेजों में छेड़छाड़ की घटनाएँ कम होंगी।

पूर्णिया, हिन्दुस्तान संवाददाता। बिहार सरकार की ओर से राज्य के सभी 141 निबंधन कार्यालयों में जमीन की खरीद-बिक्री के लिए पेपरलेस निबंधन यानी डिजिटल रजिस्ट्री व्यवस्था लागू कर दी गई है। नई व्यवस्था के तहत जमीन की रजिस्ट्री प्रक्रिया को अधिक सुरक्षित, पारदर्शी और तकनीक आधारित बनाया गया है। इस व्यवस्था में क्रेता को रजिस्ट्री के दिन ही क्यूआर कोडयुक्त रंगीन निबंधित दस्तावेज उपलब्ध कराया जाता है। सभी दस्तावेजों में ई-केवाईसी और डिजिटल हस्ताक्षर का उपयोग किया जाता है। इससे फर्जी दस्तावेज तैयार करने, दस्तावेजों में छेड़छाड़ और जालसाजी जैसी घटनाओं पर रोक लगाने में मदद मिलेगी।
बैठक की जानकारी
पेपरलेस निबंधन व्यवस्था के सफल क्रियान्वयन को लेकर समाहर्ता-सह-जिला निबंधक अंशुल कुमार के निर्देश पर शनिवार को अनुमंडल पदाधिकारी पूर्णिया सदर एवं जिला अवर निबंधक पूर्णिया ने दस्तावेज लेखकों और प्रशिक्षुओं के साथ बैठक की। बैठक में अधिकारियों ने पेपरलेस निबंधन प्रक्रिया की विशेषताओं और नई व्यवस्था में दस्तावेज लेखकों की भूमिका एवं दायित्वों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। दस्तावेज लेखकों ने भी नई प्रणाली को लेकर अपने सरोकार से जुड़े मुद्दों को अधिकारियों के समक्ष रखा और आवश्यक कार्रवाई का अनुरोध किया। अनुमंडल पदाधिकारी ने कहा कि अत्याधुनिक तकनीक का निबंधन प्रक्रिया में उपयोग वर्तमान समय की आवश्यकता है। उन्होंने सभी हितधारकों से नई व्यवस्था का स्वागत करने और इसे व्यापक रूप से अपनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि डिजिटल व्यवस्था से निबंधन प्रक्रिया अधिक सुरक्षित और विश्वसनीय बनाने में मदद मिलेगी।


