ललित निबंध की कलात्मकता आकर्षित करती है : बी ठाकुर
बिहार हिन्दी साहित्य सम्मेलन में 'हिन्दी पखवारा' के उपलक्ष्य में विद्यार्थियों के लिए 'मेरे प्रिय शिक्षक' विषय पर निबंध लेखन प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इस प्रतियोगिता में किलकारी बाल भवन, संत जॉन्स पब्लिक हाईस्कूल जैसी कई विद्यालयों के छात्राओं ने भाग लिया। निर्णायक मंडल में कई प्रतिष्ठित सदस्य शामिल थे, और पुस्तक-मेले में भी कार्यक्रम आयोजित हुआ।

ललित निबंध की कलात्मकता पाठकों को आकर्षित और प्रभावित करती है। अच्छे निबंध सुधी पाठकों को चिंतन के लिए भी विवश करते हैं। इसमें निबंधकार का ज्ञान और भाषा सामर्थ्य भी प्रकट होता है। ऐसी प्रतियोगिताओं में भाग लेने से निबंध कौशल में गुणात्मक विकास होता है। ये बातें हिन्दी दिवस के उपलक्ष्य में बिहार हिन्दी साहित्य सम्मेलन में 'हिन्दी पखवारा एवं 'पुस्तक-चौदस-मेला' के सातवें दिन, सोमवार को विद्यार्थियों के लिए हुई 'निबंध लेखन प्रतियोगिता' में विद्यार्थियों को साहित्यकार और भारतीय प्रशासनिक सेवा के अवकाश प्राप्त अधिकारी बी ठाकुर ने कहीं। उन्होंने विद्यार्थियों को निबंध-लेखन के कौशल से भी अवगत कराया।किलकारी
बिहार बाल भवन सैदपुर, शिवम् कॉन्वेंट न्यू बाइपास कंकड़बाग, संत जॉन्स पब्लिक हाईस्कूल पार्क रोड कदमकुआं, प्रभुतारा स्कूल सकरीगली, गंगस्थली बालिका ज्ञानपीठ दीघा, इन्फेंट जिजस स्कूल खाजेकला पटना सिटी आदि विद्यालयों के प्रतिभागी विद्यार्थियों ने 'मेरे प्रिय शिक्षक' विषय पर निबंध लिखे। इन्हें लेखन के लिए 40 मिनट का समय दिया गया था।निर्णायक मण्डल के सदस्य डॉ. नीतू सिंह, संयोजक ईं. अशोक कुमार, डॉ. नागेश्वर यादव, कृष्णरंजन सिंह, इन्दु भूषण सहाय, नम्रता कुमारी, वीके मिश्र, हृदय नारायण झा, ईशा कुमारी आदि रहे। शिक्षक, विद्यार्थी एवं पुस्तक-प्रेमियों ने पुस्तक-मेले से पुस्तकों की भी खरीद की।


