नेशनरल हाईवे की जमीन पर अवैध कब्जे के खिलाफ सख्ती
एनएच के मध्य बिंदु से 40 मीटर (आवासीय) व 75 मीटर (व्यवसायिक) के अंदर अतिक्रमण हटेगा... अवैध निर्माण को लेकर नगर निकायों को सख्त कार्रवाई का निर्देश दिया है। विभाग ने 29 अप्रैल 2026 को जारी पत्र

बेगूसराय, निज प्रतिनिधि। बिहार सरकार के नगर विकास एवं आवास विभाग ने राष्ट्रीय राजमार्गों की जमीन पर अतिक्रमण और अवैध निर्माण को लेकर नगर निकायों को सख्त कार्रवाई का निर्देश दिया है।
सर्वोच्च न्यायालय का आदेश
विभाग ने 29 अप्रैल 2026 को जारी पत्र में सर्वोच्च न्यायालय के 13 अप्रैल 2026 के आदेश का हवाला देते हुए निर्देशों का अनुपालन सुनिश्चित करने को कहा है। सर्वोच्च न्यायालय का यह आदेश स्यो मोटो रिट पेटिशन सी नंबर 9 ऑफ 2025 में पारित हुआ। सभी नगर निगम के नगर आयुक्त पत्र, सभी नगर परिषद व नगर पंचायत के कार्यपालक अधिकारी को भेजे गये पत्र के अनुसार एनएच के राइट ऑफ वे (आरओडब्ल्यू) के अंतर्गत किसी भी नये अवैध, गैरकानूनी अथवा व्यवसायिक निर्माण को प्रतिबंधित किया गया है।
अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया
साथ ही सात अगस्त 2025 के सीएनएच अधिनियम की प्रक्रिया और एसओपी के तहत जिला प्रशासन को 60 दिनों के अंदर सभी नये या मौजूद अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई करनी है। पत्र में निर्देश दिया गया है कि सक्षम प्राधिकारी की पूर्व अनुमति के बिना राजमार्ग सुरक्षा क्षेत्र में किसी स्थान के लिए लाइसेंस, एनओसी, व्यापार अनुमति या नवीनीकरण नहीं किया जाएगा। पत्र में एनएच के मध्य बिंदु से 40 मीटर (आवासीय) और 75 मीटर (व्यवसायिक) के भीतर भूमि उपयोग परिवर्तन करने वाली अधिसूचनाओं को 60 दिनों के अंदर जारी किए जाने का भी उल्लेख है।
संयुक्त जिम्मेदारी
अतिक्रमण हटाने की संयुक्त जिम्मेदारी डीएम और एसपी को दी गई है। साथ ही सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय को भी 60 दिनों के भीतर अंतर-राज्यीय राजमार्ग सुरक्षा समन्वय समिति की बैठक कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया है। इसका उद्देश्य राज्य सीमाओं के पार प्रवर्तन प्रोटोकॉल का मानकीकरण करना होगा, जिसमें एकरूप वाहन चालन का समय सीमा, निगरानी मानक, पार्किंग प्रवर्तन व दंड व्यवस्था सम्मिलित होंगे। रिपोर्टर:मनोज सहनी


