गंगा नदी समेत शहर में जगह-जगह प्लास्टिक के कचरे की भरमार, निगरानी के लिए टीम गठित
भागलपुर सहित पूरे बिहार में प्लास्टिक अपशिष्ट के प्रभावी नियंत्रण के लिए राज्य सरकार ने निगरानी समिति का गठन किया है। यह समिति नगरीय और ग्रामीण क्षेत्रों में प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन नियमों की समीक्षा करेगी। भागलपुर नगर निगम क्षेत्र में 100 मीट्रिक टन कचरे में छह मीट्रिक टन प्लास्टिक कचरे का रिसाइक्लिंग किया जा रहा है।

भागलपुर, वरीय संवाददाता। भागलपुर समेत पूरे बिहार में प्लास्टिक अपशिष्ट के प्रभावी नियंत्रण और प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन नियमों के सख्ती से अनुपालन के लिए राज्य सरकार ने राज्य स्तरीय निगरानी समिति का गठन किया है। समिति राज्य के सभी नगरीय और ग्रामीण क्षेत्रों में प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन नियमों के अनुपालन की समीक्षा करेगी। भागलपुर नगर निगम क्षेत्र में रोजाना 100 मीट्रिक टन कचरा का प्रबंधन किया जा रहा है। इनमें से छह प्रतिशत यानी छह मीट्रिक टन प्लास्टिक कचरा को रिसाइक्लिंग की प्रक्रिया कनकैथी डंपिंग यार्ड के माध्यम से चल रही है। बावजूद शहर की सड़कों, गलियों, पार्कों, मैदानों, हथिया नाला और गंगानदी के तट पर पॉलीथिन समेत विभिन्न प्रकार के प्लास्टिक कचरा बिखरा हुआ नजर आते हैं। वहीं शहर की नालियों के माध्यम से प्लास्टिक कचरे की भरमार गंगानदी तक पहुंच रही है। इन समस्याओं के समाधान को लेकर प्लास्टिक उत्पादों के निर्माण, न्यूनतम मोटाई मानकों और रिसाइक्लिंग कोड के पालन की विधिक समीक्षा भी की जाएगी। भारतीय मानक ब्यूरो के मानकों के अनुरूप पारदर्शी पैकेजिंग वाले प्लास्टिक व प्लास्टिक से बने डिब्बे समेत विभिन्न प्रकार के प्लास्टिक की पहचान और रिसाइकल व्यवस्था को प्रभावी बनाने पर जोर रहेगा। सरकार का उद्देश्य प्लास्टिक प्रदूषण पर नियंत्रण के साथ नियमों के क्रियान्वयन की नियमित और मजबूत निगरानी सुनिश्चित करना है。
रिसाइकल प्लास्टिक सामग्री के उपयोग अनिवार्य:
पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग की अधिसूचना के अनुसार निगरानी समिति की अध्यक्षता बिहार के मुख्य सचिव करेंगे। इसका गठन पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय भारत सरकार की अधिसूचना और प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन (संशोधन) नियम 2026 के तहत किया गया है। इसके लिए समिति की बैठक प्रत्येक तीन माह में कम से कम एक बार आयोजित की जाएगी।
डीएम की अध्यक्षता में प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन समिति का गठन:
जिलास्तर पर किया गया है। नगर निगम समेत अन्य विभागों के साथ इसकी नियमित समीक्षा की जाती है। राज्य स्तरीय निगरानी समिति के निर्देशों का अनुपालन किया जा रहा है। खासकर गंगानदी में गिरने वाले प्लास्टिक कचरे के नियंत्रण के लिए बुडको द्वारा सिवरेज ट्रीटमेंट प्लांट चालू होने से समस्या समाप्त हो जाएगी।
- आशुतोष राज, वन प्रमंडल पदाधिकारी, भागलपुर


