नोटरी शपथ पत्रों को सभी सरकारी विभागों में मान्यता देने की पहल

हिन्दुस्तान, आरा
Follow us on Google News
share

बिहार सरकार ने सभी विभागों में नोटरी पब्लिक द्वारा निष्पादित शपथ-पत्रों (एफिडेविट) को स्वीकार करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया है। प्रमोद कुमार राय ने यह मुद्दा राष्ट्रपति सचिवालय के सामने उठाया था। इससे नागरिकों को कई आवश्यक दस्तावेजों में सरलता होगी और अनावश्यक परेशानी कम होगी।

नोटरी शपथ पत्रों को सभी सरकारी विभागों में मान्यता देने की पहल

आरा। नोटरी अधिनियम, 1952 के तहत नियुक्त नोटरी पब्लिक द्वारा निष्पादित शपथ-पत्रों (एफिडेविट) को बिहार सरकार के सभी विभागों, जिला प्रशासन, अंचल कार्यालयों एवं अन्य सरकारी संस्थानों में समान रूप से स्वीकार किए जाने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रशासनिक पहल हुई है।

प्रमोद कुमार राय का मुद्दा

अधिवक्ता एवं नोटरी पब्लिक प्रमोद कुमार राय की ओर से उठाए गए जनहित के मुद्दे पर राष्ट्रपति सचिवालय के संज्ञान के बाद बिहार सरकार ने आवश्यक कार्रवाई शुरू की है। प्रमोद कुमार राय ने अपने आवेदन में बताया था कि कई सरकारी कार्यालय नोटरी पब्लिक के समक्ष विधिवत निष्पादित शपथ पत्र स्वीकार नहीं करते, जबकि कार्यपालक दंडाधिकारी के समक्ष बने शपथ पत्रों को मान्यता दी जाती है। इससे जन्म-मृत्यु प्रमाण-पत्र, आय, जाति, आवासीय, वंशावली तथा भूमि संबंधी मामलों में आम लोगों को अनावश्यक परेशानी उठानी पड़ती है।

राष्ट्रपति सचिवालय का पत्र

मामले पर राष्ट्रपति सचिवालय ने बिहार के मुख्य सचिव को कार्रवाई के लिए पत्र भेजा था। समीक्षा में मुख्य सचिव की ओर से सात अगस्त 2012 को जारी वह निर्देश भी सामने आया, जिसमें स्पष्ट किया गया था कि नोटरी अधिनियम, 1952 की धारा 8 के तहत प्रमाणित शपथ-पत्र विधिसम्मत हैं और सभी संबंधित प्राधिकारियों के लिए मान्य हैं। इसके अनुपालन में 28 जुलाई 2026 को विधि विभाग ने योजना एवं विकास विभाग को आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है।

नागरिकों के हित में कदम

प्रमोद कुमार राय ने इसे लाखों नागरिकों के हित से जुड़ा कदम बताते हुए उम्मीद जताई कि राज्य के सभी विभाग एकरूपता से इन निर्देशों का पालन करेंगे, जिससे आम लोगों को अनावश्यक भागदौड़, समय और अतिरिक्त खर्च से राहत मिलेगी।

प्रस्तुत प्रश्नोत्तर

बिहार सरकार ने नोटरी पब्लिक द्वारा शपथ पत्रों को कब स्वीकार करने की पहल की?
बिहार सरकार ने नोटरी पब्लिक द्वारा निष्पादित शपथ-पत्रों को स्वीकार करने की पहल हाल ही में की है।
Hindustan | Bureau

लेखक के बारे में

Hindustan | Bureau

हिन्दुस्तान भारत का एक प्रतिष्ठित हिंदी समाचार-पत्र है, जिसकी स्थापना 1936 में महामना पंडित मदन मोहन मालवीय ने की थी। स्वतंत्रता आंदोलन की विरासत को समेटे यह प्रकाशन आज भारत के सर्वाधिक पढ़े जाने वाले हिंदी समाचार-पत्रों में दूसरे स्थान पर है। WAN-IFRA के अनुसार, 2016 में 'हिन्दुस्तान' विश्व के शीर्ष 13 सर्वाधिक प्रसारित अखबारों में शामिल था। हर रोज 5 राज्‍यों सह‍ित देश की राजधानी द‍िल्‍ली और एनसीआर (नोएडा, गाज‍ियाबाद, गुरुग्राम) में 23 संस्‍करण प्रकाश‍ित होते हैं। ‘पाठक सर्वोपर‍ि’ हिन्दुस्तान की संपादकीय नीति है। समय पर, शोध और गहन खोजबीन के बाद व‍िस्‍तार से न्‍यूज र‍िपोर्ट प्रकाश‍ित की जाती है। हर खबर में सभी पक्षों और दृष्टिकोणों को संतुलित रूप से पेश किया जाता है।

और पढ़ें
Hindi News , इंडिया न्यूज़ , आज का मौसम , विधानसभा चुनाव और Sawan 2026 से जुड़ी ताज़ा खबरों व पल-पल के अपडेट के लिए लाइव हिन्दुस्तान के साथ जुड़े रहें। UP Chunav 2027 , UP Vidhan Sabha Seats और UP Vidhan Sabha Candisates से जुड़ी सभी महत्वपूर्ण खबरें और जानकारी यहां पढ़ें। सभी बड़ी खबरें सबसे पहले पाने के लिए लाइव हिन्दुस्तान ऐप अभी डाउनलोड करें।
Hindi NewsIndia Newsनोटरी शपथ पत्रों को सभी सरकारी विभागों में मान्यता देने की पहल