किसान मजदूर सभा के राज्य सम्मेलन में कृषि संकट पर मंथन
सासाराम में अखिल भारतीय किसान मजदूर सभा का चौथा बिहार राज्य सम्मेलन शुरू हुआ। दो दिन चले इस सम्मेलन का उद्घाटन चिकित्सक डॉ. वीवी सिंह ने किया। इसमें बढ़ते कृषि संकट, भूमिहीन किसानों की बेदखली और विस्थापन पर चर्चा की गई। सम्मेलन में सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए गए।

सासाराम, हिन्दुस्तान प्रतिनिधि। अखिल भारतीय किसान मजदूर सभा का चौथा बिहार राज्य सम्मेलन शनिवार को सासाराम स्थित महात्मा फुले मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल के सभागार में शुरू हुआ।
सम्मेलन का उद्घाटन
दो दिवसीय सम्मेलन का उद्घाटन चिकित्सक डॉ. वीवी सिंह ने किया। झंडोत्तोलन और शहीद वेदी पर पुष्पांजलि के बाद दो मिनट का मौन रखकर शहीदों को श्रद्धांजलि दी गई। सम्मेलन में भूमिहीन किसानों की बेदखली, विस्थापन, कृषि संकट और बढ़ती लागत समेत किसानों से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा हुई। विभिन्न जिलों से पहुंचे सांस्कृतिक कर्मियों ने क्रांतिकारी गीत प्रस्तुत किए। सम्मेलन के संचालन के लिए राम वृक्ष राम, शंभू प्रसाद सिंह और रामचंद्र सिंह का तीन सदस्यीय अध्यक्ष मंडल चुना गया।
सम्बोधन और चिंताएं
उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए एआईकेएमएस के राष्ट्रीय महासचिव डॉ. आशीष मित्तल ने कहा कि भूमिहीन और गरीब किसानों की जमीन से बेदखली, आदिवासी किसानों का विस्थापन और बढ़ता कृषि संकट गंभीर चिंता का विषय है। उन्होंने कृषि के कॉरपोरेटीकरण और बढ़ती कृषि लागत का जिक्र करते हुए किसानों से एकजुट होकर संघर्ष करने का आह्वान किया। मौके पर धर्मेन्द्र कुमार सिंह, सचिव कामेश्वर सिंह, आईएफटीयू बिहार राज्य कमिटी के महासचिव लालू राम, सम्राट अशोक विश्वविद्यालय के अध्यक्ष जागरोपन सिंह, अधिवक्ता आरपी सिंह, लोक संघर्ष मोर्चा के अध्यक्ष पप्पू सोनी, महासचिव संजय वैश्य, समाजवादी संस्थापक सुनील कुमार वर्मा, हसन निजामी, दिनेश चौधरी आदि मौजूद थे।
सम्मान
समापन पर कॉलेज के सचिव कामेश्वर प्रसाद सिंह ने राज्य कमिटी के सदस्यों को सम्मानित किया।


